
नयी दिल्ली, 04 नवंबर । इस साल नवरात्र से दिवाली तक कुल त्योहारी कारोबार 18 प्रतिशत तक बढ़कर सात लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है।
खुदरा व्यापारियों के संगठन अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने बुधवार को जारी अनुमान में बताया कि देश भर के 70 शहरों में व्यापारिक संगठनों के साथ हुए व्यापक अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2026 में नवरात्र से दिवाली तक देश का कुल त्योहारी व्यापार सात लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है। यह पिछले साल के 6.05 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड व्यापार की तुलना में लगभग 15–18 प्रतिशत अधिक होगा।
दिल्ली की चांदनी चौक सीट से भाजपा सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि अकेले राष्ट्रीय राजधानी में इस साल दिवाली सीजन में एक लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि दिवाली देश की घरेलू अर्थव्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक इंजन बन चुकी है। इस अवसर पर देश भर में होने वाला व्यापार करोड़ों लोगों के लिए रोजगार, लाखों कारोबारियों के लिए व्यापारिक अवसर और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के लिए व्यापक आर्थिक गतिविधियों का सृजन करता है।
कैट के आंकलन के अनुसार, नवरात्रि से दिवाली तक अनुमानित त्योहारी कारोबार में किराना एवं एफएमसीजी का योगदान 12 प्रतिशत, सोना-चांदी एवं आभूषण का 10 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स का आठ प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों, सिले-सिलाए परिधानों और उपहार की वस्तुओं का सात-सात प्रतिशत योगदान रहने की उम्मीद है।होम डेकोर, फर्नीचर एवं फर्निशिंग और मिठाइयों की हिस्सेदारी पांच-पांच प्रतिशत, टेक्सटाइल एवं फैब्रिक्स की चार प्रतिशत, पूजा सामग्री, फल एवं ड्राई फ्रूट्स और बेकरी एवं कन्फेक्शनरी की तीन-तीन प्रतिशत और जूते-चप्पलों की दो प्रतिशत रहने का अनुमान है। अन्य वस्तुओं एवं संबंधित कारोबार की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत रह सकती है।
कैट के अनुसार, त्योहारी मौसम में परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्तरां, पर्यटन, कैटरिंग, टेंट एवं डेकोरेशन, लाइटिंग, इवेंट मैनेजमेंट, कैब एवं स्थानीय परिवहन सहित अनेक सेवाओं में भारी मांग रहने की संभावना है। पिछले वर्ष सेवा क्षेत्र में लगभग 65,000 करोड़ रुपये के कारोबार के मुकाबले इस वर्ष सेवा क्षेत्र में 20–25 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रारंभिक अनुमान है। इसके आधार पर त्योहारी अवधि में सेवा क्षेत्र का कारोबार लगभग 80,000 करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।