
नयी दिल्ली, 07 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को वायु गुणवत्ता का औसत स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 369 दर्ज किया गया।
एक्यूआई के स्तर में और गिरावट रोकने के एहतियाती उपाय के तौर पर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के तहत पाबंदियां लागू रहीं।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार की शीतकालीन कार्ययोजना भी पूरे शहर में लागू है। इसके तहत गैर-दिल्ली पंजीकरण वाले बीएस-4 मानक के अनुरूप वाहनों के प्रवेश पर रोक सहित प्रदूषण कम करने के कई उपाय किए जा रहे हैं। इनमें मशीनों से सड़कों की सफाई तथा निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध भी शामिल हैं।दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), नगर निगम (एमसीडी) सहित संबंधित एजेंसियों की टीमें भी लगातार निगरानी और जांच कर रही हैं। दिल्ली यातायात पुलिस भी प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई कर रही है।
एकीकृत नियंत्रण एवं कमान केंद्र उन्नत तकनीक की मदद से शहरभर की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। निगरानी प्रणालियों से किसी भी समस्या का संकेत मिलने पर संबंधित स्थानों पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल धूल पैदा करने वाली बाहरी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध है। हालांकि, कड़े दिशा-निर्देशों के साथ केवल राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को काम जारी रखने की अनुमति दी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और संसाधनों में भी वृद्धि की गई है।इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार चार्जिंग ढांचे का विस्तार करने पर काम कर रही है। शहर में संचालित बसों को पहले ही शून्य उत्सर्जन वाली इलेक्ट्रिक व्यवस्था में बदला जा चुका है। इसके अलावा छोटे और बड़े आकार की नई बसें भी समय-समय पर बेड़े में शामिल की जा रही हैं।
सरकार ने लोगों से कम दूरी की यात्रा के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने तथा मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की है। साथ ही, यात्राओं की संख्या कम करने और छोटी-छोटी यात्राओं को एक साथ पूरा करने का सुझाव दिया है।लोगों को घर से काम करने की सलाह दी गई है। उनसे संभव होने पर खुले स्थानों पर होने वाले आयोजनों को टालने और यातायात के संपर्क में आने से बचने का भी अनुरोध किया गया है।
सर्दियों में गर्मी के लिए कोयले, लकड़ी या जलावन के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है। आवासीय कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए) और निजी कंपनियों से अपने कर्मचारियों तथा सुरक्षा गार्डों को इलेक्ट्रिक हीटर और सर्दियों में गर्मी के वैकल्पिक इंतजाम उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।