
बागडोगरा (पश्चिम बंगाल), 07 नवंबर । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अग्निवीरों को दोबारा देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दी गयी है। उन्होंने इसे अग्निवीरों के लिए दिवाली का बड़ा तोहफा बताया।इस व्यवस्था के तहत दो साल की सेवा अवधि पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा , हालांकि इसके लिए उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
श्री सिंह ने शनिवार को दिवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयर फोर्स स्टेशन में भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने सशस्त्र बलों से उभरते सुरक्षा खतरों का सामना करने के लिए अपनी सैन्य तैयारी का स्तर हमेशा सबसे ऊंचा रखने का आह्वान किया।रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में सुरक्षा चुनौतियां पहले से अधिक जटिल हो गयी हैं। अब युद्ध केवल सीमाओं पर पारंपरिक लड़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, छद्म युद्ध, सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैलाना और सूचना के स्तर पर अभियान चलाना भी शामिल है। ऐसे में सैन्य बलों को क्षेत्र की जानकारी, साइबर सुरक्षा और सूचनाओं की विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि दुश्मन कई बार सीधे मुकाबले के बजाय हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करता है। सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय लोगों और सैनिकों के मन में भ्रम पैदा करने के लिए गलत सूचनाएं फैलाई जा सकती हैं। इसलिए जवानों की जिम्मेदारी केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है।श्री सिंह ने बागडोगरा को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह भारत की सुरक्षा व्यवस्था, खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक अहम कड़ी है। यहां तैनात वायुसेना के जवान पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मजबूत ढाल की तरह काम कर रहे हैं। उनकी सतर्कता और तैयारी क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीक के विकास के बावजूद सेना में अनुशासन और साहस का महत्व हमेशा बना रहेगा। जवानों का व्यवहार, बातचीत का तरीका और संयम स्थानीय लोगों के बीच सेना की छवि बनाते हैं। उन्होंने जवानों से स्थानीय समुदाय के साथ अपने संबंध और मजबूत करने की अपील की। उनके मुताबिक, स्थानीय लोगों के साथ जितना अधिक जुड़ाव होगा, दुश्मन की साजिशें उतनी ही कमजोर होंगी।उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय स्टार्टअप और उद्योग ड्रोन, ड्रोन रोधी प्रणाली और आधुनिक सैन्य उपकरण विकसित करने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने स्वदेशी तकनीक अपनाने और ड्रोन संचालन तथा साइबर सुरक्षा जैसे नये कौशल सीखने के लिए जवानों की सराहना की। साथ ही सेना को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री ने दिवाली के अवसर पर वायुसेना के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान परिवार से दूर रहने के बावजूद जवान देशवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने जवानों के परिवारों के त्याग और योगदान के लिए आभार जताते हुए कहा कि देश हमेशा उनके परिवारों के साथ खड़ा रहेगा और उनकी भलाई सुनिश्चित करेगा।इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित, बागडोगरा एयर फोर्स स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर मनीष शर्मा और भारतीय वायुसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।