
गोण्डा, 25 जनवरी । अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद (अहिप) के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुशल नेतृत्व में अयोध्या की तरह काशी और मथुरा का मुद्दा भी बिना संघर्ष हल हो जायेगा।
डा तोगड़िया ने पत्रकारों से कहा “ अगर योगी मोदी और अमित शाह हैं तो कोई संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। काशी मथुरा मुद्दा भी बिना संघर्ष हल हो जायेगा।”
राममंदिर आंदोलन के दौरान गोलीकांड के जिम्मेदारों व उनकी राजनीतिक पार्टियों को दिये गये निमंत्रण के सवाल पर उन्होने कहा कि ये सवाल रामलला प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण देने वालों से पूछना चाहियॆ। अगर निमंत्रण वे देते तो दृश्य कुछ और ही होता।
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामलला प्राण प्रतिष्ठा पर दिये गये विवादास्पद बयान पर उन्होने कहा कि जिनका नाम स्वामी प्रसाद हैं वे हिन्दू होने के नाते तो उनके भाई है हालांकि वे उनके विचारों पर सहमत नहीं है। हर घर में बर्तन बजते है। मतभेद तो भाइयों में भी होते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा बड़े ही आनंद की बात है। पांच सौ वर्षों की 40 पीढ़ियों के संघर्ष, आठ लाख कारसेवकों के समर्पण, आठ करोड़ हिन्दुओं का सवा रुपया,लाखों गांवों में शिलापूजन कार्यक्रम और पचास लाख कारसेवकों के जनजागरण के कठिन परिश्रम से रामलला अयोध्या में भव्य राममंदिर में लौटे हैं। 40 वर्षों से निमंत्रण देने वाले हम और स्वर्गीय अशोक सिंघल थे जबकि आज मुझे ही निमंत्रण मिल रहा हैं।
हिन्दूवादी नेता ने कहा कि पहले भी 1984 में रामजन्मभूमि के लिये सरयू मां की शपथ खायी थी और कल फिर अयोध्या में सरयू की सौगंध संकल्पपूर्ति व मथुरा और काशी के लिये खायी है। वे काशी मथुरा पर भी विश्व हिन्दू परिषद के साथ है। विहिप समेत सभी हिन्दू संगठन साथ साथ काम कर रहे है। क्योंकि विहिप समेत सभी हिन्दू आनुषंगिक संगठन उनके प्राण हैं।
उन्होंने कहा कि राम सबके है इसलिये अलग अलग दलों में जो लोग हैं उनके पूर्वजों नें भी राममंदिर के लिये आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद सदैव अयोध्या आंदोलन में अहम भूमिका अदा करती रही हैं और मथुरा काशी में भी करती रहेंगी।