एशियाई देश तेजी से अत्याधिक गर्म मौसम की चपेट में: संयुक्त राष्ट्र

एशियाई देश तेजी से अत्याधिक गर्म मौसम की चपेट में: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र, 23 अप्रैल : संयुक्त राष्ट्र की मौसम एवं जलवायु एजेंसी ने चिंता व्यक्त करते हुये कहा है कि एशियाई देशों में लू का प्रभाव अत्याधिक  गंभीर होता जा रहा और ग्लेशियरों के पिघलने से आने वाले दिनों में  क्षेत्र में भीषण जल संकट पैदा होने का खतरा पैदा हो जायेगा।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने एक बयान में कहा कि एशियाई देशों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार लू असर बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्लेशियर पिघलने के कारण भविष्य में जल सुरक्षा का खतरा बन गया है। एशिया देशों का पिछले साल तापमान 1961 से 1990 के औसत से लगभग दो डिग्री सेल्सियस अधिक था, जिससे यहां 2023 में सबसे गर्म स्थान रहा। उन्होंने बताया कि पिछले साल एशिया दुनिया का सबसे अधिक आपदा प्रभावित क्षेत्र था।
दक्षिण-पश्चिम चीन वर्षा का स्तर कम होने से सूखे से पीड़ित है। तिब्बती पठार पर केन्द्रित हाई-माउंटेन एशिया क्षेत्र में ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर बर्फ की सबसे बड़ी मात्रा मौजूद है।
डब्ल्यूएमओ ने कहा, इस क्षेत्र के 22 ग्लेशियरों में से 20 को पिछले साल लगातार बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल, 2023 में उत्तर-पश्चिम प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान रिकॉर्ड पर सबसे अधिक था। एशिया में 80 प्रतिशत से अधिक बाढ़ और तूफान सहित 79 आपदाएं दर्ज की गईं। इससे करीब 90 लाख लोग प्रभावित हुये। दो हजार से अधिक मौतें हुईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *