
नयी दिल्ली/डबलिन 28 मई । इजरायल और हथियारबंद संगठन हमास के बीच गाजा पट्टी क्षेत्र में खूनी संघर्ष के बीच यूरोपीय देश आयरलैंड ने फिलिस्तीन को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की मंगलवार को घोषणा की।
आयरलैंड सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में यह घोषणा की गई। इससे पहले मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
बयान में कहा गया है, “यह सरकार फिलस्तीन को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देती है और डबलिन (आयरलैंड) तथा रामल्लाह (फिलिस्तीन) के बीच पूर्ण राजनीतिक संबंध स्थापित करने पर सहमत हुई है।”
इससे पहले आज आयरलैंड के साथ ही नार्वे और स्पेन ने भी फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी। इन देशों ने 193 सदस्य देशों के संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन सरकार को मान्यता देने के प्रस्ताव को 145 के बहुमत से स्वीकृत किए जाने के कुछ दिन बाद यह घोषणा की।
संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को इजरायल ने अस्वीकार कर दिया है। स्वतंत्र फिलिस्तीन के प्रस्ताव को अमेरिका, कनाडा, जापान, दक्षिण कोरिया और पश्चिमी यूरोप के अधिकांश देशों ने समर्थन नहीं दिया है। अमेरिका ने इससे पहले अप्रैल में फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य बनाने के लिए रखे गए प्रस्ताव को वीटो कर दिया था।
पिछले साल सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हमास के आतंकवादी हमले के बाद इजरायली सेना ने गाजा पट्टी पर हमास के खिलाफ भीषण कार्रवाई शुरू कर दी थी। इजरायली सैनिक अब गाजा के दक्षिणी शहर राफा में भी घुस कर हमास लड़ाकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
हेग की अंतरराष्ट्रीय अदालत ने दक्षिण अफ्रीका की अर्जी पर इजरायल को गाजा में सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने का आदेश दिया है। दक्षिण अफ्रीका की अर्जी में इजरायल पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन इजरायल की बेंजामिन नेतनियाहू सरकार ने कहा है कि वह हमास के खिलाफ जो भी कर रहा है, आत्मरक्षार्थ कर रहा है और यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि हमास ने सात अक्टूबर 2023 के बंधकों को अभी तक नहीं छोड़ा है।