एशियाई शेरो के करने हैं दर्शन तो इटावा सफारी में लायें तशरीफ

एशियाई शेरो के करने हैं दर्शन तो इटावा सफारी में लायें तशरीफ

इटावा, 31 मई । चंबल के बीहड़ों में स्थित इटावा सफारी पार्क में आने वाले पर्यटकों को हर हाल में एशियाई शेर देखने को मिलेगे। एशियाई शेरो को देखने आने वाले पर्यटकों को  एक भालू, 16 लेपर्ड, 160 काले हिरण, 60 स्पाटेड डियर भी आनंदित करेंगे।
      सफारी पार्क के निदेशक डॉ.अनिल कुमार पटेल ने शुक्रवार को यूनीवार्ता को बताया कि इटावा सफारी पार्क का मुख्य आकर्षण पार्क में पाए जाने वाले एशियाई शेर ही है और इन्हीं शेरों का दीदार करने के लिये देश दुनिया से पर्यटक इटावा सफारी पार्क पहुंचते हैं। इटावा सफारी की इन्ही खासियतों के चलते देश दुनिया का इकलौता एशियाई शेरो का आशियाना कहा जाने लगा है।
       पटेल ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से करीब 300 किलीमीटर, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मात्र ढाई सौ किलोमीटर जब की विश्व प्रसिद्ध आगरा से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर इटावा सफारी पार्क स्थापित है। इटावा सफारी में जहां प्रति साल हजारों देशी पर्यटक आते है वही सैकड़ो सख्या में जर्मनी,अमरीकी, स्पेन और जापान के विदेशी नागरिक सफारी के वन्य जीवो का दीदार कर चुके है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सफारी प्रबंधन में एक नहीं बल्कि छह नए पुराने शेरों को लायन सफारी में छोड़ करके रखा गया है। जो भी पर्यटक यहां पहुंचेंगे उनको शेर समेत अन्य वन्य जीवो को दिखाने के लिए बंद गाड़ी का इंतजाम किया गया है। पर्यटकों की गाड़ी के आगे पीछे ना केवल शेर घूमते मिलेगे बल्कि पर्यटकों को आनंदित करते हुए भी नजर आएंगे।
         2019 में इटावा सफारी को चालू किया गया तब शेरो के दीदार पर्यटकों को नहीं कराए जा रहे थे जिससे पर्यटकों में खासा गुस्सा देखा जा रहा था इसके बाद सफारी प्रबंधन ने यह तय किया कि एक इलाके विशेष में पर्यटकों को शेर दिखाने शुरू किए जाए जिसके बाद करीब 500 मीटर के एक दायरे में तीन शेरो को छोड़ कर पर्यटकों को शेर दिखाने शुरू किए गए लेकिन यह व्यवस्था भी पर्यटकों को रास नहीं आई । इसके बाद पर्यटकों की मांग पर लायन सफारी को चालू किया गया तो पर्यटक फूले नहीं समाए।
      इटावा सफारी पार्क प्रबंधन ने देश विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के मद्देनजर लायन सफारी में छह शेर शेरनियों को छोड़ा हुआ है। शेरनी जेसिका,हीर,गार्गी ओर सोना, शेर गीगो,कान्हा के करतब सफारी में पर्यटकों को देखने को मिलेगे।
       50 हेक्टेयर इलाके में निर्मित लायन सफारी में वैसे तो सफारी प्रबंधन ने पांच शेर शेरनियों को छोड़ रखा था लेकिन रूपा और नीरजा के गर्भवती हो जाने कें कारण दोनों को फिलहाल हटा दिया गया है इस कारण पर्यटक शेर और शेरनियों को कायदे से देख नहीं पा रहे थे और उनकी तरफ से ऐसी शिकायतें सफारी प्रबंधन से की जा रही थी कि शेर और शेरनी कायदे से देखने में कठिनाई आ रही है इसी के चलते यह कदम उठाया गया।
वैसे तो इटावा सफारी पार्क में बड़ी तादाद में अन्य वन्य जीव भी है लेकिन सबसे बड़ा आकर्षण एशियाटिक शेरों का ही है जिनको देखने के लिए देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादात में साल भर पहुंचते रहते।
      सफारी का मुख्य आकर्षण एशियाटिक लायन को देखने का पर्यटको का रहता है। इटावा सफारी पहुंच रहे पर्यटक बेहद गदगद नजर आ रहे हैं। पहले से एक बाड़े में बंद रहा करते थे लेकिन अब उनको खुले में छोड़ दिया गया है अब पर्यटक बंद गाड़ी से जाएंगे और शेर खुले में छूटे हुए नजर आ रहे है।
       इटावा सफारी पार्क पहुंच रहे पर्यटक ऐसा मानकर के चलते हैं जिस तरह से उन्हें इटावा सफारी में शेर देखने को मिल रहे हैं इस तरह से शेर देश के दूसरे किसी भी हिस्से में देखने को नहीं मिल पा रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध आगरा के ताजमहल को देखने आने वाले पर्यटक इटावा सफारी पार्क आ कर एशियाई शेरों को देखना नहीं भूलते है।
       प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, संजय श्रीवास्तव बताते है कि इटावा सफारी में पर्यटकों को बेहतर ढंग से वन्य जीव दिखाए जाए,इसके लिए सफारी प्रबंधन पूरी तरह से तत्पर बना हुआ है। सफारी में आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो इसके लिए पूर्ण बंदोबस्त करके रखे गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *