सफारी प्रशासन ने पुण्यतिथि में मनन शेर को किया याद

सफारी प्रशासन ने पुण्यतिथि में मनन शेर को किया याद

इटावा,13 जून । एशियाई शेरों के सबसे बड़े आशियाने के रूप में विख्यात इटावा सफारी पार्क में पहली बार किसी बब्बर शेर की पुण्यतिथि मनाई गई है। यह देश का पहला मामला होगा जब किसी वन्यजीव की पुण्यतिथि मनाकर उसको याद किया गया हो।
       इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने गुरुवार को बताया कि इटावा सफारी पार्क के गॉड फादर कहे जाने वाले मनन शेर की स्मृतियों को तरोताजा करने के लिए उसकी दूसरी पुण्यतिथि पार्क प्रबंधन ने मनाई है। देश में संभवत यह पहला मामला है कि जब किसी एशियाई शेर की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एशियाई मनन शेर से जुड़ी हुई वस्तुओ को पर्यटकों के अवलोकन के लिए इटावा सरकारी पार्क में संरक्षित करके रखा गया है।
       गुजरात में पैदा हुए मनन शेर की इटावा सफारी पार्क में 13 जून 2022 को कैंसर के कारण मौत हो गई थी। मनन की पुण्यतिथि में सफारी प्रबंधन ने दिवगंत शेर से जुड़ी हुई सामग्रियों का संग्रालय तैयार करवा कर उसका उद्घाटन किया और मनन से जुड़ा हुआ एक वीडियो भी जारी किया है।
      इटावा सफारी पार्क के सृजन में मनन शेर का सबसे बड़ा योगदान माना जा रहा है।
इटावा सफारी पार्क में शेर मनन से सिंबा, सुल्तान, बाहुबली, भारत, रूपा, सोना, केसरी, नीरजा और गार्गी नामक शावक पैदा हुए हैं। आठ साल तक इटावा सफारी पार्क का चहेता बना रहा शेर मनन को गुजरात के जूनागढ़ से लाया गया था।
       पटेल ने बताया कि शेर मनन के जरिए इटावा लॉयन सफारी के ब्रीडिंग सेंटर में नौ शेर पैदा हुए जिनकी बजह से आज इटावा लॉयन सफारी गुलजार है। शेर मनन के ही शावक है जो सफारी में आने वाले पर्यटकों को देखने को मिलते है। शेर मनन का एक शावक आज बड़ा होकर गोरखपुर के चिड़ियाघर की शान भी बढ़ा रहा है।
       उन्होंने बताया कि लगभग 150 वर्ष पहले इटावा के जंगलों से शेर समाप्त हो गए थे और आज शेर मनन की वजह से इटावा में शेरो की दहाड़ गूंजी है। इसी लिए मनन की याद में प्रत्येक वर्ष ये कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया था ताकि शेर मनन के योगदान को भुलाया न जा सके और इसकी इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को देखने के लिए रखा गया है ताकि यहां आने वाले पर्यटक भी शेर मनन के बारे में और सफारी के लिए उसके योगदान को बारे जान सके।
      2014 में जब यहां पहली बार शेर गुजरात से लाए गए तो उनमें मनन भी लाया गया था। सफारी पार्क में शेरनी जेसिका और मनन की मीटिंग के बाद पहली बार ब्रीडिंग सेंटर पर दो शावकों ने जन्म दिया था। सफारी के शुरुआत से लेकर अब तक सबसे अधिक शावक मनन के है जिस कारण मनन को सफारी का गॉड फादर कहा जाता है।

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