आम आदमी का विश्वास जीतें अधिकारी: योगी

आम आदमी का विश्वास जीतें अधिकारी: योगी

लखनऊ 13 जून। जनता दर्शन कार्यक्रम जिला स्तर पर शुरु करने की वकालत करते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि गरीब, शोषित वंचित लोगों की मदद करना हमारी प्राथमिकता है और अधिकारियों को अपनी कार्यशैली से आम आदमी का भरोसा जीतना चाहिये।
       आगामी पर्व त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुविधाओं के शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों,पुलिस कमिश्नरों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व पुलिस कप्तानों की बैठक में श्री योगी ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम जिला, रेंज, ज़ोन स्तर भी तत्काल शुरू हो जाए। कौन सा अधिकारी किस दिन जहां जनसुनवाई करेगा, इसके बारे में जनता के बीच पहले से ही पहले से प्रसारित की जाए। लोगों की समस्याएं, अपेक्षाएं सुनें और एक तय समय सीमा के भीतर निस्तारण करें। उन्हें लटकाएं नहीं, समाधान दें। कॉमन मैन की संतुष्टि ही आपके काम का मानक है। आम आदमी का विश्वास जीतें।
    उन्होने कहा कि हमारी कार्रवाई माफिया के खिलाफ है, गरीब के खिलाफ नहीं। यह कार्रवाई और तेज की जाए। हर गरीब, शोषित, पीड़ित और वंचित के हितों की रक्षा, हमारी जिम्मेदारी है। भूमाफ़िया हो या कोई अन्य माफिया सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
     श्री योगी ने कहा कि 16 जून को गंगा दशहरा, 17 जून को बकरीद, 18 जून को ज्येष्ठ माह का मंगल का पर्व है और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है, जबकि जुलाई माह में मोहर्रम और कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र कार्यक्रम होने हैं। स्वाभाविक रूप से यह समय कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। शासन-प्रशासन को 24 घंटे एक्टिव मोड में रहने की आवश्यकता है।
     उन्होने कहा कि  प्रदेश में 15 से 22 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाना चाहिए। गंगा दशहरा के दृष्टिगत गंगा नदी के घाटों की साफ-सफाई और साज-सज्जा की जानी चाहिए। स्नान कहाँ करना है, यह सुनिश्चित हो। सतर्कता के दृष्टिगत गोताखोरों, PAC के फ्लड यूनिट तथा एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की तैनाती भी की जाए।
    योगी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच पर्व-त्योहारों का आयोजन होना है। ऐसे में गांव, नगर, महानगर, कहीं भी रोस्टरिंग के नाम पर अनावश्यक ‘पॉवर कट’ न हो। ट्रांसफार्मर खराब होने अथवा फॉल्ट की समस्या का तेजी के साथ निस्तारण कराएं। आम जन की जरूरतों का ध्यान रखें।
    उन्होने कहा किपूर्व के अनुभव बताते हैं कि जहां स्थानीय प्रशासन ने संवादहीनता बनाए रखी, वहां अप्रिय घटना की स्थिति बनी। हमें इनसे सीख लेते हुए सतर्क रहना होगा। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक कर लें। मीडिया का सहयोग लें, ताकि शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे।

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