
अयोध्या, 22 सितम्बर : जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज कहा कि हमारे देश में गाय को गौमाता के रूप में पूजा जाता है। देश की सरकार गायों की हत्या पर रोक लगाये।
जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज होटल क्रिनोस्को में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे देश में गाय को गौमाता के रूप में पूजा जाता है। मगर यह दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश में गाय की पूजा की जाती है वह दुनिया में गौमांस का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। उन्होंने कहा कि चाहेंगे कि देश की सरकारें इन सब बातों पर गौर करें और गौै के सम्मान में, धर्म के सम्मान में गायों की हत्या पर रोक लगाये।
उन्होंने कहा हमारी यह यात्रा देश के अलग-अलग अंचलों से होकर गुजरेगी, जिसमें देश के सभी प्रमुख जनमानस के साथ हिस्सा लेंगे। राम मंदिर के निर्माण में जिन लोगों ने अपना बलिदान दिया है और गोलियां खायीं उनको वह सम्मान नहीं मिला, जिनके वो हकदार थे। उन्हें राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में नहीं बुलाया गया।
एक प्रश्न के उत्तर में जगद्गुरू शंकराचार्य ने कहा “ कल मैं प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी का दर्शन और सरयू आरती में शामिल हुआ था। उसके बाद आज सुबह क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में पूजन कर राम मंदिर परिसर के शास्त्रीय सीमा रामकोट की परिक्रमा कर गौध्वजा यात्रा को सफल बनाने के लिये रामलला से कामना की है लेकिन वह राम मंदिर दर्शन के लिये नहीं जायेंगे।” उन्होंने कहा कि यात्रा के समापन पर गौध्वजा की स्थापना करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि राम मंदिर का शिखर बनने के बाद ही मंदिर में प्रवेश करेंगे।
तिरुपति मंदिर के लड्डू विवाद पर कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए, किसने और किस कारण से किया यह पता चलना चाहिये। दोषी को कठोर दंड मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि तिरुपति के लड्डू अयोध्या भी आये थे। एक लड्डू जब प्रसाद के रूप में किसी के पास जाता है तो लोग उसमें से थोड़े-थोड़े टुकड़े प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। जाने कितने लाख मुंह में गये होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन सबमें पापबोध आ गया है। उनको लग रहा है कि उनकी पवित्रता खंडित हो गयी।
उन्होंने कहा कि धर्मशास्त्रों के माध्यम से हमने उनसे कहा है कि पंचगव्य का सेवन हिंदू कर लें तो पवित्र हो जायेंगे।उन्होंने गौरक्षा के लियेे संवैधानिक व्यवस्था करने और कानून बनाने की मांग की है। इस सभा में गौध्वज स्थापना भारत यात्रा की औपचारिक योजना के साथ शुरुआत हुई है। इस देशव्यापी यात्रा के उद्घाटन समारोह में अयोध्या के जनमानस ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस धर्मसभा में हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत धर्मदास, महंत दिलीप दास त्यागी, सीताराम शरण दास, अवधेश शरण सहित हनुमानगढ़ी के कई नागा साधु मौजूद रहे।