
कौशाम्बी 26 सितंबर : लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को कहा कि दलित और शोषित समाज के समरसता और समानता के अपने पिता रामविलास पासवान के सपने को वे हर हाल में पूरा करेंगे।
श्री पासवान ने कहा कि उनके पिता रामविलास ने अपने पांच दशक लंबे संघर्ष में लोजपा और दलित सेना के माध्यम से दलितों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों के लिए जो लड़ाई लड़ी, वो अब उनकी ज़िम्मेदारी है।
उत्तर प्रदेश में दलित समाज की उपेक्षा पर गहरा दुःख जताते हुए उन्होने कहा कि चाहे सपा की सरकार हो या बसपा की, पासी-पासवान और अन्य दलित वर्गों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उनके साथ सिर्फ़ छल हुआ जबकि लोजपा का मकसद इन वर्गों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना रहा है।
उन्होंने अपने भाषण में वीरांगना ऊदा देवी, राजा सुहेलदेव पासी, महाराज बिजली पासी और वीरशिरोमणि लाखन पासी जैसे योद्धाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पासी-पासवान समाज के इतिहास में शौर्य और वीरता का एक सुनहरा अध्याय है। उन्होंने इस समाज के वीर पूर्वजों के सम्मान और उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए किले और स्मारकों के संरक्षण की माँग की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पासी-पासवान एवं दलित समाज का एक सशक्त गठजोड़ तैयार किया जाएगा, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि लोजपा (रामविलास) राज्य के 103 विधानसभा क्षेत्रों में पासी-पासवान समाज की मजबूती से हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लोजपा (रामविलास) को फिर से उत्तर प्रदेश की हर पंचायत और प्रखंड तक फैलाएँ और वंचित समाज के असली प्रतिनिधि बनें। चिराग पासवान ने अपने सम्बोधन में न सिर्फ़ दलित समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई, बल्कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए एक नई रणनीति का भी संकेत दिया।