
मिर्जापुर,16 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश में नौ सीटों पर प्रस्तावित उपचुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ मिर्जापुर जिले की मझवां विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है।
निषाद पार्टी के विधायक डॉ विनोद बिंद के भदोही से सांसद बनने के कारण खाली हुई मझवां सीट के लिये 13 नवंबर को मतदान होगा। इस सीट के लिये सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना उम्मीदवार घोषित नही किया है जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए है। सपा ने मझवा विधानसभा क्षेत्र से बसपा के तीन बार विधायक रहे और भाजपा से सांसद रह चुके रमेश बिंद की बेटी ज्योति बिंद को मैदान में उतारा है, वहीं बसपा ने दीपू तिवारी के नाम की घोषणा की है। भाजपा प्रत्याशी को लेकर कयासबाजी जारी है।
अम्बेडकर नगर की कटहरी सीट के साथ निषाद पार्टी ने यह सीट अपने खाते में देने के लिए भाजपा हाईकमान के सामने मांग रखा है। हालांकि भाजपा मझवां में अपना प्रत्याशी लड़ाना चाहती है। भाजपा से टिकट की दो दर्जन लोगों ने दावेदारी की है। दावेदार भाजपा के साथ निषाद पार्टी के सुप्रीमो संजय निषाद से संपर्क कर रहे हैं। ब्राह्मण, बिंद और दलित यहां मुख्य वोटर हैं।
सपा ने बिंद तो बसपा ने ब्राह्मण मैदान में उतार कर भाजपा को सांसत में डाल दिया है। सपा की ज्योति बिंद तेजी से रणनीति पर अमल कर रही है।दीपू तिवारी महीनों से पसीना बहा रहे हैं। भाजपा से टिकट की उम्मीद रखने वाले लोग भी क्षेत्र में है। साथ ही साथ दिल्ली लखनऊ की दौड़ में भी है। यहां 18 से 24अक्टूबर के बीच नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।29 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे ।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार को ही का कार्यक्रम नोटिफिकेशन कर दिया है। भाजपा की ओर से सदस्यता एवं शिलान्यास लोकार्पण के नाम पर दर्जनों मंत्री मझवां विधानसभा को छान चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद यहां आ चुके हैं। तैयारियों की दृष्टि पूरे विधानसभा में रोजाना कार्यक्रम हो रहा है। किसी न किसी मंत्री का कार्यक्रम लगा है मगर भाजपा उम्मीदवार को लेकर कयासबाजी ही है। भाजपा उम्मीदवार अगड़ा या पिछड़ा होगा इसकी भी खूब चर्चा है। फिलहाल पिछड़ें वर्ग के मौर्या बिरादरी में ढेर हलचल है।