संस्कार, समरसता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर ध्यान दे युवा: दत्तात्रेय होसवाले

संस्कार, समरसता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर ध्यान दे युवा: दत्तात्रेय होसवाले

मथुरा, 26 अक्टूबर: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसवाले ने कहा कि युवा पीढ़ी को ड्रग के प्रति आकर्षण नहीं होना चाहिए। संघ का आग्रह संस्कार, संमरसता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर है।
     दीनदयाल गौ विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, गऊ ग्राम, परखम, फरह के नवधा सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की दो दिवसीय बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्म पर जो कुछ दिखाया जा रहा है उसमें से बहुत कुछ सामाजिक नहीं है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए पर इस पर एक नियामक भी बनाने की जरूरत है। सरकार तो इस ओर ध्यान देगी ही, समाज को भी संस्कारों में वृद्धि करके इस ओर ध्यान देना चाहिए।
     हाल ही में बांग्लादेश घटनाक्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज को वहां से पलायन करने की जरूरत नहीं है। वे वहीं डटे रहें, वह उनकी भूमि है, बांग्लादेश में हमारे शक्तिपीठ हैं। उन्होंने कहा कि विश्वभर में हिन्दू रहते हैं। जहां भी संकट आता है हिन्दू भारत की ओर देखता है। वक्फ बोर्ड पर उन्होंने कहा कि जेपीसी जो भी निर्णय लेगी, आगे सरकार जनभावनाओं को ध्यान में रखकर कार्य करेगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि विषय पर बोलते हुए दत्ता जी ने कहा मामला न्यायालय में हैं, न्यायालय निर्णय लेगा। अयोध्या की तरह इस पर कुछ करने की जरूरत नहीं है, समाज तय करेगा। हम समाज के साथ है।
     उन्होने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। शाखा में आने वाले व हर समूह के कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण वर्ग होगा, बैठक में इसकी चर्चा और समीक्षा हुई है। साथ ही वर्तमान संदर्भ और संघ से जुड़े विविध आयामों के कार्य विस्तार पर भी चर्चा हुई है। बैठक में आने वाले दिनों में हमें क्या-क्या करना है, नये विचार कैसे जुड़ेंगे, समाज के नये व्यक्तियों को कैसे जोड़ना है, ऐसी चिन्ता करनी है, विभिन्न आयुवर्ग के लोगों को जोड़ना और जुड़े हुए बंधुओं से कार्य विस्तार कैसे हो, इसकी भी चर्चा बैठक में हुई है।
      सरकार्यवाह ने बताया कि कार्यकारी मंडल की बैठक में इस वर्ष मार्च में सम्पन्न हुई प्रतिनिधि सभा की समीक्षा की गयी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस वर्ष अपने 99 वर्ष पूर्ण करते हुए शताब्दी वर्ष में प्रवेश किया है। आगामी विजया दशमी पर कैसे कार्यक्रम करने हैं, इस पर विचार किया है। स्वयंसेवक पंच परिवर्तन (स्व आधारित जीवन शैली, सामाजिक समरसता, कुटुंभ प्रबोधन, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्य) के विषयों को लेकर समाज के बीच जाएंगे। समाज में परिवर्तन कैसे होगा, इसकी चिंता स्वयं करनी है।
       उन्होंने बताया कि संघ कार्य की प्रथम इकाई शाखा है। कार्य विस्तार की दृष्टि से 3026 स्थानों पर 45411 शाखाओं में वृद्धि के साथ कुल 72354 शाखाएं चल रही हैं। ऐसे ही सप्ताह में होने वाले साप्ताहिक मिलन की संख्या 29084 रही। इसमें 3147 वार्षिक वृद्धि हुई है।    
      दत्तात्रेय ने बताया कि जहां शाखा नहीं लगती, ऐसे मंदिरों, समाजिक स्थानों पर मासिक संघ मंडली का काम चलता है। इस वर्ष 11,382 स्थानों पर संघ मंडली का आयोजन हुआ और इस वर्ष 780 स्थानों की वृद्धि हुई है। होसवाले ने बताया कि अगले वर्ष प्रतिनिधि सभा की बैठक बेंगलूरू में आयोजित होगी और प्रतिनिधि सभा तक कार्यविस्तार में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा संघ कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण का कार्य करता है। चरित्र निर्माण की यह पद्धति केवल चर्चाओं में नहीं वरन् आचरण में दृष्टिगोचर होनी चाहिए और विगत वर्षो से समाज को इसका अनुभव भी हो रहा है।
     देश में आपदा के समय स्वयंसेवक मोर्चा संभालते हैं। इस वर्ष भी पश्चिम बंगाल में तारकेश्वरी नदी में आयी बाढ में 25,000 लोगों की स्वयंसेवकों ने राहत शिवरों में सेवा की। उड़ीसा बाढ़ के दौरान 4 हजार लोगों को स्वास्थ्य और भोजन आदि सहायता पहुंचायी। जुलाई में वायनाड़ और कर्नाटक में भूस्खल में 1 हजार स्वयंसेवक लगे और सहायता कार्य किए। बड़ोदरा, जामनगर, द्वारका बाढ़ में भी स्वयंसेवकों ने भोजन आदि की व्यवस्था की। साथ ही आपदा में 600 मृतक हिंदूओं का अंतिम संस्कार भी कराया, केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि विभिन्न समुदायों के मृतकों का उनकी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार कराया।
      सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसवाले ने महात्मा गांधी ने भी बोला था स्वराज्य। श्स्वश् का अर्थ श्स्वाधीनताश्, राष्ट्रीय स्वत्व है। यहां की अपनी परम्परा, अपनी सभ्यता, इसके अनुभवों के साथ आचरण करना है, आधुनिकता का पालन करना है, आधुनिकता में भी श्स्वश् को नहीं भूलना है। उन्होंने कहा अहिल्याबाई होल्कर का यह 300 वां वर्ष है। सामाजिक जाग्रति, मंदिरों का जीर्णोद्धार, कुशलतापूर्वक शासन करना यह दर्शाता है कि 300 वर्ष पूर्व भी मातृशक्ति जनता के लिए और जनकार्य के लिए शासन चलाने में सक्षम थीं।
   पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर और प्रदीप जोशी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह, सह प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति कुमार उपस्थित रहे।

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