
लखनऊ 04 दिसंबर । कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को दिल्ली से संभल जाने के लिये निकले मगर उनके काफिले को गाजियाबाद में गाजीपुर बार्डर पर सुरक्षा बलों ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुये आगे नहीं जाने दिया।
गाजीपुर बार्डर पर श्री गांधी की पुलिस के आला अधिकारियों से नोकझोंक भी हुयी। अधिकारी उन्हे संभल जिला प्रशासन की चिट्ठी दिखा रहे थे जिसमें लिखा था कि संभल के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं, इसलिये दस दिसंबर तक जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
इस पर श्री गांधी ने सुरक्षा बलों से कहा कि संभल हिंसा में मारे गये मृतकों के परिजनो से मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है और वह इस काज के लिये अकेले भी जाने को तैयार हैं मगर पुलिस अधिकारियों ने उन्हे आगे बढ़ने नहीं दिया जिसके बाद श्री गांधी और उनका काफिला दिल्ली लौट गया।
बाद में श्री गांधी ने एक्स पर लिखा “ पुलिस ने हमें संभल जाने से रोक दिया। विपक्ष के नेता होने के नाते यह मेरा अधिकार और कर्तव्य है कि मैं वहां जाऊं। फिर भी मुझे रोका गया। मैं अकेला जाने को भी तैयार हूं, लेकिन वे इसके लिए भी नहीं माने। यह संविधान के ख़िलाफ़ है। भाजपा क्यों डरी हुई है – अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए पुलिस को आगे क्यों कर रही है? सच्चाई और भाईचारे के संदेश को क्यों दबा रही है।”
उधर, लखनऊ में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना को पुलिस अधिकारियों ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। श्रीमती मिश्रा ने इसे सरकार की ज्यादती करार दिया। श्री गांधी के दौरे के मद्देनजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के घर के बाहर बडी संख्या में पुलिस की तैनाती की गयी थी।
गौरतलब है कि श्री गांधी ने मंगलवार को संसद में संभल मामले में गर्मागर्म बहस के बाद संभल जाने की घोषणा की थी जिसके बाद संभल जिला प्रशासन अलर्ट हो गया था और जिलाधिकारी ने अमरोहा,गाजियाबाद,बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के पुलिस प्रमुखों को संबोधित पत्र में आग्रह किया था कि वह श्री गांधी को अपने जिले की सीमा में प्रवेश करने से रोक दें।