
गाजियाबाद 04 दिसंबर। संभल में पिछले महीने हुयी हिंसा के शिकार युवकों के परिजनों से मुलाकात करने कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बुधवार को हिंसा प्रभावित जिले का दौरा करने की मंशा पूरी नहीं हुयी मगर उनके इस कार्यक्रम से गाजीपुर बार्डर पर लगे भीषण जाम ने लोगों के पसीने छुड़ा दिये।
श्री गांधी अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली स्थित आवास से बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ निकले थे। उनके साथ उत्साही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का काफिला भी था मगर गाजीपुर बार्डर पर उन्हे रोक लिया गया। सुबह के समय दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस पर पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे में जाम के हालात पैदा हो गये।
बैरिकेडिंग के कारण ट्रैफिक जाम फंसे लोगों को अपने गंतव्य पर जाने की जल्दी थी। कुछ देर इंतजार के बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच जाम में फंसे लोगों से कांग्रेस समर्थकों से नोकझोंक भी हुयी और हाथापाई के हालात बन गये।
इस बीच कई तमाशबीन जाम से हलकान लोगों और कांग्रेसियों के बीच हुयी तकरार का वीडियो भी बनाने में लग गये। पुलिस अधिकारियों ने श्री गांधी को संभल में निषेधाज्ञा लागू रहने का हवाला देते हुये उनसे वापस जाने का अनुरोध किया जबकि श्री गांधी का तर्क था कि उनका शांति प्रक्रिया में बाधा बनने का कोई इरादा नहीं है। वह सिर्फ हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनो को सांत्वना देने जा रहे हैं।
लगभग आधे घंटे चली तकरार के बाद श्री गांधी दिल्ली के लिये वापस रवाना हो गये। हालांकि इस प्रकरण के बाद भी काफी देर तक दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर वाहनों की लंबी कतार लगी देखी गयी।