
कानपुर 9 दिसंबर । राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने किसानो की मांगो को जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार को बातचीत करके उनकी मांगो का समाधान निकालना चाहिये।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने सोमवार को यहां पत्रकारों से कहा कि किसान अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी जायज सभी मांगें मान लेनी चाहिए। किसान आंदोलन के समय किसानो को उनकी मांगे मानने का आश्वासन दिया गया था जिसे अब पूरा करने का वक़्त आ गया है।
श्री दुबे ने कहा कि प्रदेश में तीन नवंबर से चीनी मीलों का संचालन शुरू है लेकिन अभी तक गन्ना किसानो का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया है जिसकी वजह से किसान क्रेशर और कोल्हू पर औने पौने दामों पर गन्ने को बेचने को मजबूर हैं। हमारी मांग है कि राज्य सरकार किसानो की बढ़ी हुई लागत को देखते हुए गन्ने का समर्थन मूल्य 400 रूपये प्रति क्विंटल घोषित करे।
उन्होने कहा कि पार्टी प्रदेश के सभी मंडलों में संगठन को मजबूत कर विधानसभा स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम करेगी।
एक सवाल के जवाब में श्री दुबे ने कहा कि किसान हितैषी बनने का दावा करने वाली कांग्रेस का इतिहास ही किसान विरोधी रहा है और वो आज भी किसानो का हितैषी बनने का दावा कर रहे हैं, उन्हें किसानो के मुद्दे पर बोलने से पहले अपने पुराने पन्ने खंगालने चाहिए।