नए साल में नई गति से विकास पथ पर आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश : योगी

नए साल में नई गति से विकास पथ पर आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश : योगी

गोरखपुर 02 जनवरी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारें जहां विकास के आयामों,उद्योगों,कारखानों को बंद करने और उन्हें बेचने में लगी रहती थीं, वहीं भाजपा की डबल इंजन सरकार नव सृजन और नया निर्माण कर विकास का माहौल बनाने में जुटी हुई है।
    योगी नए साल के दूसरे दिन गुरुवार को गोरखपुर में रोड कनेक्टिविटीए किसान हित और खाद्य एवं दवा सुरक्षा से जुड़ी 1533 करोड़ रुपये की नौ विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मिसाल के तौर पर गोरखपुर के बंद खाद कारखाने और पिपराइच की बंद चीनी मिल को देखा जा सकता है।
    उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने जहां इसे बंद कर दिया था और बेचने की तैयारी में थीं, वहीं डबल इंजन की सरकार ने इन्हें फिर से चला कर दिखा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार में नए साल में उत्तर प्रदेश नई गति से विकास पथ पर आगे बढ़ेगा। यहां नौकरी और रोजगार के अवसर और तेजी से बढ़ेंगे और यहां के युवाओं को कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
    श्री याेगी ने 1478 करोड़ 80 लाख 68 हजार रुपये के चार विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 53 करोड़ 73 लाख 66 हजार रुपये के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण किया। गोरखपुर में स्थित जनता इंटर कॉलेज चरगांवा में हुए समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की ये परियोजनाएं आने वाले समय मे नए गोरखपुर का दर्शन और भी सशक्त रूप में कराएंगी।
     उन्होने डबल इंजन सरकार में आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि एक समय समाजवादी पार्टी की सरकार में इंसेफेलाइटिस से बड़े पैमाने पर बच्चों की मौतें होती थीं। यह बच्चे समाज और देश की अमानत थे लेकिन जाति के नाम पर समाज को बांटने का पाप करने वालों ने इसके बारे में तनिक भी नहीं सोचा। इंसेफेलाइटिस से करने वाले 90 प्रतिशत बच्चे दलित और अल्पसंख्यक समाज के थे।
   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इंसेफलाइटिस की बीमारी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। योगी ने कहा कि आज का गोरखपुर आधुनिक भारत के आधुनिक उत्तर प्रदेश के आधुनिक गोरखपुर  का दर्शन करा रहा है जबकि सपा की सरकार में गोरखपुर में बिजली नहीं मिलती थी, लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती थीं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार हो गया था तो लोगों का बेहतर इलाज कैसे करता। 1990 में सपा और कांग्रेस सरकार ने गोरखपुर के खाद कारखाना को बंद कर दिया। पिपराइच की चीनी मिल बंद ही नहीं थी बल्कि इसे बेचने की तैयारी की जा रही थी।
    उन्होंने कहा कि सड़कों की दशा ऐसी थी कि पता ही नहीं चलता था कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है।
रामगढ़ताल गंदगी का ढेर बना हुआ था। अब जब प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तो रामगढ़ताल पर्यटन का नया
केंद्र बन गया है। गोरखपुर का खाद कारखाना और पिपराइच की चीनी मिल दोबारा चालू हो गई है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था सुदृढ़ हो गई है और गोरखपुर में एम्स भी शुरू हो गया है। हर तरफ टू लेन, फोरलेन और सिक्सलेन की रोड कनेक्टिविटी है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में स्थित गोड़धोईया नाला का कार्य पूर्ण होते ही जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान हो जाएगा।
   योगी ने कहा कि कार्य करने का जज्बा होना चाहिए। समाज के प्रति जवाबदेही का जज्बा होगा तो सभी समस्याओं का समाधान भी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर में की पिपराइच की चीनी मिल चल रही हैए खाद कारखाना चल रहा हैए गोरखपुर में चिड़ियाघर भी खुल गया है। गोरखपुर में लखनऊ, वाराणसी सहित सभी तरफ से शानदार रोड कनेक्टिविटी है। विकास होने से रोजगार के नए.नए अवसर भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में पांच साल में 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उद्योग लगने से हजारों युवाओं को रोजगार की गारंटी मिली है। आज गोरखपुर में चार विश्वविद्यालय हैंए वेटरिनरी कॉलेज भी बन रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। इसकी शुरुआत विकास कार्यों से हो रही है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में बन रहे वेटरिनरी कॉलेज से जहां पशुपालन का प्रशिक्षण प्राप्त होगा तो वहीं कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय बन रहा है। इससे कृषि की पढ़ाई के साथ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकी का प्रशिक्षण सुलभ होगा। गोरखपुर के नवीनीकृत कृषि विद्यालय में भी किसानों को नए तौर तरीकों को सीखने का मौका मिलेगा।

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