राष्ट्र-धर्म निभाने के लिये सदैव तैयार रहा जनजातीय समुदाय: योगी

राष्ट्र-धर्म निभाने के लिये सदैव तैयार रहा जनजातीय समुदाय: योगी

लखनऊ, 5 जनवरीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि जब भी राष्ट्र व धर्म के सामने चुनौती आई तो उसका मुकाबला करने के लिए जनजातीय समुदाय ने खुद को तैयार किया। 

     योगी ने जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम 2025 के तहत अपने सरकारी आवास पर ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश के युवाओं से संवाद किया। 

    उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के मानक में अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। यूपी ने खुद को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया। विकास व सुशासन की पहली शर्त सुरक्षा व कानून व्यवस्था है। उग्रवाद, आतंकवाद, उपद्रव, दंगे-फसाद हैं तो विकास, रोजगार सृजन, सुशासन, निवेश नहीं हो सकता। सीएम ने बच्चों को मंत्र दिया कि हम कानून का पालन करें, कानून हमें संरक्षण देगा। संविधान कानून के प्रति श्रद्धा का यही भाव पैदा करता है। हम सभी संविधान शिल्पी के रूप में डॉ. आंबेडकर को स्मरण करते हैं। 

     योगी ने कहा कि यूपी का संबंध इन राज्यों से बहुत नजदीक से है। छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। चित्रकूट में भगवान राम ने वनवास का सर्वाधिक समय यहीं व्यतीत किया। यह उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश का जंक्शन है। मां जानकी जनकपुर से हैं। यह बिहार व नेपाल के बीच में पड़ता है। झारखंड बाबा धाम के लिए जाना जाता है। ओडिशा जगन्नाथ भगवान का पावन धाम है। अपनी परंपरा, संस्कृति के प्रति गौरव की अनुभूति, श्रद्धा-सम्मान व देश के प्रति निष्ठा का भाव आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करता है। 

    उन्होने कहा कि एक तरफ भारत बड़ी ताकत बन रहा है तो दूसरी तरफ देश के सामने चुनौती भी है। अगले तीन वर्ष के अंदर भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। इससे हर व्यक्ति की आय में वृद्धि, रोजगार का सृजन, विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश होगा, जिससे युवाओं को जुड़ने का अवसर मिलेगा। 

    उन्होने कहा कि अपनी परंपरा, लोकगाथा को शानदार तरीके से यहां प्रस्तुत किया गया। हमें संस्कृति को जीवित रखना होगा। इनकी नींव पर ही विकास के नए प्रतिमान को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा, इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारें अपने यहां संग्रहालय बना रही हैं। सीएम ने कहा कि स्वतंत्र भारत में पहली बार राष्ट्रपति पद पर जनजातीय महिला भारत के गौरव को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में योगदान दे रही हैं। 

    योगी ने युवाओं से कहा कि देश-समाज व संस्कृति के प्रति आपके मन में उत्कंठा देखकर अच्छा लगा। जीवन में आगे बढ़ने और भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक ही मंत्र होना चाहिए कि मेरा अपना कुछ भी नहीं, देश सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित हैं। उपासना विधि का अंतर हो सकता है, लेकिन राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है। इससे कोई समझौता नहीं हो सकता। जनजातीय समुदाय प्राचीन काल (भगवान राम) के समय से ही देश व धर्म के लिए मजबूती के साथ जुटने वाले योद्धा के रूप में जाना जाता है। 

     उन्होने कहा कि महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण में यह वर्णन बताता है कि ऋषि-मुनियों की साधना स्थली व दिव्य ज्ञान की भूमि दंडकारण्य जनजातीय संस्कृति व सभ्यता से भरा है। झारखंड, ओडिशा से लेकर सुदूर महाराष्ट्र तक विस्तृत भूभाग है, जहां की जनजातीय संस्कृति ने ज्ञान-विज्ञान की धरोहर को संजोकर विपरीत परिस्थितियों में संरक्षण किया। जब भी राष्ट्र व धर्म के सामने चुनौती आई तो उसका मुकाबला करने के लिए खुद को तैयार किया। 

      वनवास काल के दौरान भगवान राम के सामने जब चुनौती आई तो इन्हीं लोगों ने धर्म की स्थापना और देश के लिए भगवान राम की सेना का हिस्सा बनाकर समुद्र में भी सौ योजन के सेतु का निर्माण कर असंभव को भी संभव कर दिया, जिससे भगवान राम की सेना इस पार से उस पार पहुंच जाए। यह ताकत जनजातीय समुदाय में है। यही साधना और उसकी सिद्धि है। उसी संस्कार से जुड़ने के लिए भगवान राम की भूमि पर आप सभी का आगमन हुआ है। 

    इस दौरान प्रमुख सचिव (गृह एवं सूचना) संजय प्रसाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय से निष्ठा तिवारी, नेहरू युवा केंद्र के राज्य निदेशक महेंद्र सिंह सिसौदिया आदि मौजूद रहे।

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