उच्चतम न्यायालय ने ट्विशा शर्मा मौत के मामले में मीडिया से संयम बरतने की अपील की

उच्चतम न्यायालय ने ट्विशा शर्मा मौत के मामले में मीडिया से संयम बरतने की अपील की

नयी दिल्ली, 25 मई। उच्चतम न्यायालय ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मीडिया से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार या आरोपियों के परिवार के बयानों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित न किया जाए।शीर्ष अदालत ने ट्विशा शर्मा मृत्यु मामले में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत त्रुटियों से संबंधित स्वत: संज्ञान मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने की।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “कुछ घटनाक्रमों से हमें पीड़ा हुई है। हम मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वह पीड़िता के परिवार या दूसरे पक्ष के बयानों पर ज्यादा ध्यान न दे। मामले को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाए।”उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि मामले में एक पूर्व जिला न्यायाधीश और एक वकील के खिलाफ आरोप होने के कारण न्यायपालिका द्वारा आरोपियों को संरक्षण दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने मीडिया से भी संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार या आरोपियों के परिवार के बयानों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित न किया जाए।नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा पूर्व ‘मिस पुणे’ विजेता थीं। उन्होंने पांच महीने पहले डेटिंग ऐप के माध्यम से परिचय होने के बाद भोपाल निवासी वकील समर्थ सिंह से विवाह किया था। समर्थ सिंह का परिवार न्यायपालिका से जुड़ा हुआ बताया गया है। समर्थ सिंह जहां पेशे से वकील हैं, वहीं उनकी मां गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश और वर्तमान में जिला उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग की अध्यक्ष हैं।

विवाह के महज पांच महीने बाद 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा अपने घर में जिम्नास्टिक रस्सी से लटकी हुई पाई गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई की एक टीम ट्विशा शर्मा की मृत्यु मामले की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने के लिए भोपाल रवाना हो चुकी है।

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