
मास्को/पेरिस, 01 जून। रूस ने अपने तेल टैंकर ‘तगोर’ को फ्रांस द्वारा जब्त किये जाने को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है और इसे अवैध बताया है।
आरटीई न्यूज वेबसाइट के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “हम इन हरकतों को अवैध मानते हैं, यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती जैसी है। रूस अपने माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।”
दूसरी ओर, फ्रांस का कहना है कि टैंकर के कप्तान ने फ्रांसीसी नौसेना के आदेशों को मानने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद जहाज को अपने नियंत्रण में लेना जरूरी हो गया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर इस सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटेन सहित कई सहयोगियों के समर्थन और समुद्र के कानून के सख्त पालन के तहत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस टैंकर को रोका है। उन्होंने कहा, “यह अस्वीकार्य है कि जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करें, समुद्र के कानून का उल्लंघन करें और उस युद्ध के लिए पैसा जुटाएं जो रूस चार साल से अधिक समय से यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहा है।”
अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट ‘ओपनसेंक्शंस’ के अनुसार, टैंकर ‘तगोर’ का संबंध पेट्रोलियम शिपिंग दिग्गज मोहम्मद हुसैन शमखानी से है। श्री शमखानी ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली शमखानी के बेटे हैं। उल्लेखनीय है अली शमखानी हाल ही में पश्चिमी एशिया युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए थे।
फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, यह जहाज उत्तर-पश्चिमी रूस के मरमंस्क से आ रहा था और इस पर कैमरून का फर्जी झंडा लगा हुआ था। इसे ब्रिटनी से 400 समुद्री मील (740 किमी) पश्चिम में रोका गया। दस्तावेजों की जांच में झंडे की गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद 23 चालक दल के सदस्यों वाले इस जहाज को आगे की जांच के लिए फ्रांस के ब्रेस्ट शहर की तरफ ले जाया गया है, जहाँ इस पर आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई रूस के तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ (समानान्तर जहाजी बेड़े) को रोकने के पश्चिमी देशों के प्रयासों का हिस्सा है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस इन टैंकरों का इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचकर माल निर्यात करने के लिए करता है।