
कीव, 01 जून। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर यूक्रेनी बच्चों का अपहरण करने और भविष्य में उन्हें अपने ही देश के खिलाफ लड़ने के लिए प्रशिक्षित करने का आरोप लगाया है।
सीबीएस न्यूज को दिए साक्षात्कार में श्री जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के पास अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत हैं। उन्होंने इस कृत्य को यूक्रेनी राष्ट्रीय पहचान को मिटाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक बड़े रूसी अभियान का हिस्सा बताया।
श्री जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों से बच्चों को चुरा रही है। उन्हें उनके परिवारों और समुदायों से अलग करने के बाद अपनी ही मातृभूमि के खिलाफ हथियार उठाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है और उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “जब ये बच्चे बड़े हो जाएंगे, तो वे इन लड़कों को युद्ध के मैदान में धकेल देंगे।”
यह पूछे जाने पर कि क्या यूक्रेन के पास ऐसी गतिविधियों के सबूत हैं, उन्होंने जवाब दिया कि ‘हाँ, हमारे पास इसके सबूत हैं।’ हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके पास वास्तव में क्या सबूत हैं।
श्री जेलेंस्की ने कहा, “हाँ…उन्होंने इन बच्चों को अपने ही देश से नफरत करना, अपने ही लोगों से नफरत करना सिखाया है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि ऐसे युवा यूक्रेनी बच्चे और लड़के युद्ध के मैदान में आकर यूक्रेनी लोगों को ही मारेंगे।”
यह नया आरोप रूस पर पहले लगे उन दावों से कहीं अधिक गंभीर है, जिनमें कहा गया था कि रूस यूक्रेनी बच्चों को ऐसे शिविरों और संस्थानों में भेजता है जहाँ उन्हें रूस के राजनीतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अनुसार प्रशिक्षित (रूसीकरण) किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) द्वारा 2023 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ ‘आबादी (बच्चों) के अवैध निर्वासन’ के कार्यक्रम के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद, रूस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। रूस का कहना था कि बच्चों को वहां से हटाना ‘युद्ध से प्रभावित बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए मानवीय कदम’ थे। क्रेमलिन ने श्री पुतिन और इस कार्यक्रम की प्रमुख मारिया लवोवा-बेलोवा की कुछ बच्चों को गले लगाते हुए तस्वीरें भी प्रसारित की थीं।
श्री जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम के जरिए रूस इन बच्चों को कैदियों की अदला-बदली में सौदेबाजी के मोहरे के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।उन्होंने कहा, “हमारे योद्धाओं और युद्धबंदियों को वापस पाना महत्वपूर्ण है, लेकिन हम बच्चों के बदले उनकी अदला-बदली नहीं कर सकते।”
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, “क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि हम अपने बच्चों की अदला-बदली कैसे कर सकते हैं? हम ऐसा नहीं कर सकते। सबसे पहली बात तो यह कानून के खिलाफ है। हम नागरिकों की अदला-बदली नहीं कर सकते।”
यूक्रेन के अनुमान के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत के बाद से कब्जे वाले इलाकों से कम से कम 20,000 बच्चों को ले जाया गया है, हालांकि यूक्रेन का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
जब श्री जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या कुछ रूसी तेल बिक्री पर से अमेरिकी प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाना अनजाने में इस अपहरण कार्यक्रम को बढ़ावा दे रहा है, तो उन्होंने कहा, “प्रतिबंध हटाना रूस के सैनिकों के लिए एक मदद की तरह है।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिकी सांसदों के सामने बार-बार यह मुद्दा उठाया है और रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया है।
श्री यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी कांग्रेस बच्चों के इस मामले के कारण रूसियों पर फिर से प्रतिबंध लगाने का रास्ता निकालेगी। हमने सांसदों से बात की है, हमने इस बारे में कई बार बात की है। मुझे उम्मीद है कि वे यह कदम उठाएंगे।”