
नयी दिल्ली, 7 जून। विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का वर्तमान आकार करीब नौ अरब डॉलर की है जिसके अगले कुछ वर्षों में 45 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।डॉ. सिंह ने रविवार को यहां इंडिया स्पेस कांग्रेस-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में जारी सुधारों और निजी भागीदारी को बढ़ावा देने से भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में तेजी से अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी निवेश और नवाचार के लिए खोलने के बाद इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज बड़ी संख्या में स्टार्टअप अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण सेवाओं और अन्य नवाचारों के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने और नई प्रौद्योगिकियों के विकास का भी प्रमुख आधार बन रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले 7, 8 वर्षों में भारत विश्व की अग्रणी अंतरिक्ष शक्तियों में शामिल होगा।