
नयी दिल्ली, 24 जुलाई। लोकसभा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे दोबारा जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन में अपनी बात रखनी चाही तो पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने उन्हें बोलने की अनुमति दी। श्री रिजीजू ने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी आज सदन मौजूद है। मैं उनसे आग्रह करना चाहता हूं कि प्रमुख विपक्षी दल का नेता होने के नाते और प्रधानमंत्री के पेपरलीक पर सख्त कदम उठाने की घोषणा के बाद विपक्ष को संसद में इस पर चर्चा कराने में सहयोग करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जब सरकार कठोर कानून बनाने जा रही है, पेपर लीक को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है और सरकार की मंशा मजबूत कानून लाने की है तो फिर विपक्ष को चर्चा में सहयोग करना चाहिये। प्रमुख विपक्षी दल के नेता होने के नाते श्री गांधी को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि चर्चा नहीं होती है तो इसका संदेश गलत जाएगा।श्री रिजीजू के आग्रह के बाद भी विपक्षी दलों ने हंगामा जारी रखा। पीठासीन अधिकारी जगदम्बिका पाल ने भी कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्षी दलों को चर्चा के लिए तैयार हो जाना चाहिए और उन्हें अपने सीट पर जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री गांधी को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। उनका कहना था कि आज महत्वपूर्ण विधेयक है इसलिए सदस्यों को अपनी सीट पर जाकर सदन को चलाना चाहिए। हंगामा जारी रहा तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू होते ही करिगल दिवस की वर्षगांठ के बारे में सदन को सूचित किया और सदन की तरफ से करिगल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गयी। अध्यक्ष ने उसके बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्य अपने सीटों पर खड़े होकर हंगामा करने लगे। श्री बिरला ने सदस्यों से शोर शराबा नहीं करने का आग्रह किया लेकिन उनकी बात पर ध्यान दिए बिना सदस्य नारे लगाते रहे। इस पर श्री बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सबसे महत्वपूर्ण होता है। सदस्य सवाल पूछते हैं और सरकार की जवाबदेही तय करते हैं। प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। जिस विषय पर चर्चा चाहते हैं उस विषय पर नियमों के अनुसार चर्चा की अनुमति दी जाएगी। सदन चलानें में सहयोग करें। अध्यक्ष के बार बार आग्रह के बाद भी हंगामा नहीं थमा तब कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।