ईरान को बातचीत में देरी करने की कीमत चुकानी पड़ेगी: ट्रंप

ईरान को बातचीत में देरी करने की कीमत चुकानी पड़ेगी: ट्रंप

वाशिंगटन, 10 जून । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को चेतावनी दी कि ईरान को बातचीत में देरी करने की ‘कीमत चुकानी पड़ेगी’। सात अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के बाद से एक संभावित समझौते को लेकर हफ्तों तक सकारात्मक रुख दिखाने के बाद श्री ट्रम्प के बयानों में यह एक बड़ा और कड़ा बदलाव माना जा रहा है।

श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा, “ईरान सिर्फ बातें करता है, काम नहीं। पश्चिम एशिया का गुंडा अब खत्म हो चुका है! उन्होंने एक ऐसे समझौते पर बातचीत करने में बहुत लंबा समय लगा दिया जो उनके लिए बहुत बेहतरीन साबित हो सकता था, अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी!”

श्री ट्रम्प ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाने जा रहा है। उनके ये बयान होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद, अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हवाई हमलों के ठीक बाद आए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को फॉक्स न्यूज से बात करते हुए संकेत दिया कि आगे भी सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा, “मैं इसे जारी रख सकता हूँ। उनके पास समझौते पर हस्ताक्षर करने और खुद को बचाने का मौका था।”

श्री ट्रंप ने हेलीकॉप्टर घटना के बारे में नए विवरण देते हुए बताया कि एक ईरानी ड्रोन ने उनके एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमला किया था। उनके अनुसार, वह ड्रोन पहले से ही आग की लपटों में था और दोनों पायलटों के बीच में आकर फंस गया था, लेकिन वह फटा नहीं। इस वजह से पायलट हेलीकॉप्टर को सुरक्षित नीचे उतारने और वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे।

अमेरिकी राष्ट्रपति की यह नयी टिप्पणी राजनयिक वार्ताओं पर उनके हालिया बयानों के बिल्कुल उलट है। पिछले कुछ हफ्तों से वह बार-बार यह संकेत दे रहे थे कि ईरान के साथ एक समझौता बहुत करीब हैं। उन्होंने सोमवार को भी पत्रकारों से कहा था कि दो या तीन दिनों के भीतर एक समझौता हो सकता है।

श्री ट्रंप ने हताहतों की संख्या और होर्मुज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने की चिंताओं का हवाला देते हुए नई सैन्य कार्रवाई शुरू करने पर हिचकिचाहट भी जताई थी। उन्होंने मंगलवार को कहा था, “अगर हम बमबारी करते हैं, तो आप जानते हैं कि बहुत से लोग मारे जाएंगे। ऐसा कौन करना चाहता है? मैं तो नहीं चाहता।”

इस नए सैन्य तनाव के बावजूद, राजनयिक स्तर पर प्रयास अभी भी जारी हैं। दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को कम करने और बातचीत को दोबारा शुरू करने के प्रयास में बुधवार को कतर का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुँचा है।

फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं है कि श्री ट्रम्प की यह चेतावनी चल रही बातचीत के दौरान ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए है या फिर यह उनके द्वारा किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई की शुरुआत का संकेत है।

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