
नयी दिल्ली, 10 जून । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे जिसमें मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल मिलकर समावेशी विकास के प्रारूप पर चर्चा करेंगे।नीति आयोग के अनुसार यह बैठक राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केन्द्र में होगी और प्रधानमंत्री के ‘टीम इंडिया’ के विजन के अनुरूप विकसित भारत के लक्ष्य के अंतर्गत इस वर्ष का विषय ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ है।इसका उद्देश्य आयु, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना प्रत्येक भारतीय के कल्याण और विकास पर ध्यान केंद्रित करना है। शासी परिषद की बैठक में इस विजन को साकार करने और इसे देश भर के प्रत्येक नागरिक के लिए ठोस परिणामों में परिणत करने के दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श किया जाएगा। शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल एक साथ मिलकर समावेशी विकास प्रारूप पर चर्चा करेंगे। यह चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है जिनमें पहला मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल दूसरा रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास तीसरा स्वास्थ्य, पोषण तथा कल्याण और चौथा सभी के लिए समानता और गरिमा शामिल हैं। बैठक में देश भर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।इन चर्चाओं में शासन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना , अभिसरण, साझेदारी और डेटा-आधारित प्रणालियों सहित प्रमुख सहायक तत्वों का लाभ उठाते हुए एक कार्यान्वयन प्रारूप तैयार करने पर बल दिया जाएगा। इसके साथ ही अल्प, मध्यम और दीर्घकालिक परिणामों पर नज़र रखने के लिए एक तंत्र भी स्थापित किया जाएगा। समावेशी मानव विकास पर राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ राज्य के दृष्टिकोणों के सामंज्स्य पर विशेष बल दिया जाएगा, जिससे न्यायसंगत और सतत विकास की दिशा में एक एकीकृत और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को सुदृढ़ किया जा सके।नीति आयोग की शासी परिषद पिछले वर्ष 26 से 28 दिसंबर के दौरान आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में निम्नलिखित पांच प्रमुख विषयों प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की नींव रखना, स्कूली शिक्षा के लिए आधारभूत संरचना , भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल , ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और खेल तथा पाठ्येतर गतिविधियाें के बारे में सिफारिशें की गईं।
ग्यारहवीं शासी परिषद की बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, केंद्रीय मंत्री पदेन सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में तथा नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिस्सा लेंगे।