आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था: मोदी

आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था: मोदी

नई दिल्ली 25 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को संविधान पर सीधा हमला बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी है जिन्होंने उस

समय लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की थी।श्री मोदी ने गुरुवार को देशभर में मनाए जाने वाले संविधान हत्या दिवस का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा,” आज, हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक, आपातकाल, के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की।आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा आघात था। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं का निलंबन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध, राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियाँ तथा उन संस्थाओं पर प्रहार देखने को मिला जो हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं।उन्होंने कहा कि इसने असंख्य नागरिकों के असाधारण साहस को भी उजागर किया, जिन्होंने मौन रहने से इनकार किया और संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि l सभी के लिए संविधान 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा,“हम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हैं। अपने संविधान की भावना से प्रेरित होकर, हम ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति सदैव समर्पित रहेगा।”

श्री मोदी ने कहा कि संविधान हत्या दिवस हमें उस काले दौर की याद दिला रहा है, जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह से कुचला गया था। यह हमें लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहने को प्रेरित करता है। आपातकाल का विरोध करने वाली सभी विभूतियों को सादर नमन।”संविधान हत्या दिवस हर साल 25 जून को मनाया जाता है। सरकार ने 1975 में इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल के विरोध में इसे मनाने की शुरुआत की थी।

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