भारत-न्यूजीलैंड की रणनीतिक साझेदारी में सेतु का काम करें भारतीय समुदाय: मोदी

भारत-न्यूजीलैंड की रणनीतिक साझेदारी में सेतु का काम करें भारतीय समुदाय: मोदी

नयी दिल्ली, 11 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीयों से दोनों देशों के बीच विश्वास का सेतु बने रहने का आग्रह करते हुए कहा है कि इससे दोनों देश रणनीतिक साझेदारी का पूरा फायदा उठा सकेंगे।श्री मोदी ने अपनी न्यूजीलैंड यात्रा के समापन से पहले शनिवार शाम ऑकलैंड में आयोजित “किया ओरा मोदी” कार्यक्रम में भारतीय प्रवासी समुदाय की एक सभा को संबोधित किया।

न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री मोदी ने सभा में भारतीय प्रवासी समुदाय के बड़ी संख्या में शामिल सदस्यों के उत्साह, ऊर्जा और आत्मीयता की सराहना की।प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री लक्सन की उपस्थिति तथा द्विपक्षीय साझेदारी, विशेषकर कीवी भारतीय समुदाय के कल्याण के प्रति उनके समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने समुदाय द्वारा किये गये विशेष स्वागत की सराहना की और कहा कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास के माध्यम से कीवी भारतीय समुदाय न्यूज़ीलैंड के जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए एक सशक्त शक्ति के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने अपनी संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं को संरक्षित रखने तथा साथ ही न्यूज़ीलैंड की बहुसांस्कृतिक पहचान को समृद्ध बनाने के लिए समुदाय की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से समुदाय की सेवा भावना की सराहना करते हुए स्वयंसेवा, परोपकारी दान और सामुदायिक कल्याण में उसके उत्कृष्ट योगदान का उल्लेख किया।

श्री मोदी ने कहा कि यह सभा भले ही भारतीय प्रवासी समुदाय की थी, लेकिन वास्तव में यह भारत-न्यूज़ीलैंड मित्रता, खेल संबंधों और उनकी आर्थिक साझेदारी का उत्सव थी। उन्होंने कहा कि 2026 खेल सहयोग के 100 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है और दोनों देश अपने खेल संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के इच्छुक हैं। स्थानीय माओरी संस्कृति के समावेशी और सतत दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत भी विकास के ऐसे मार्ग पर अग्रसर है जो विरासत और विकास का समन्वय करता है।प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय से भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग का सेतु बने रहने का आग्रह किया, ताकि दोनों देशों के लाभ के लिए रणनीतिक साझेदारी की पूर्ण क्षमता को साकार किया जा सके।

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