स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था का सहारा नहीं, बल्कि मुख्य लक्ष्य होना चाहिए, विश्व स्वास्थ्य सभा में बोले विशेषज्ञ

स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था का सहारा नहीं, बल्कि मुख्य लक्ष्य होना चाहिए, विश्व स्वास्थ्य सभा में बोले विशेषज्ञ

संयुक्त राष्ट्र, 11 जुलाई, । स्वास्थ्य कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जो अर्थव्यवस्था को सहारा देता है, बल्कि स्वास्थ्य वह मूल उद्देश्य है, जिसके लिए अर्थव्यवस्था को तैयार किया जाना चाहिए।79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में गूंजा यह विचार इस बात का स्पष्ट संदेश है कि वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और इसके वित्तपोषण को अब नये सिरे से देखने की जरूरत है।

इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए डब्ल्यूएचओ नागरिक समाज आयोग ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे नागरिक समाज के विविध दृष्टिकोणों को एकजुट कर वैश्विक स्वास्थ्य निर्णयों को दिशा दी जा सकती है।स्वास्थ्य सभा के दौरान आयोजित चार कार्यक्रमों के माध्यम से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने सतत स्वास्थ्य वित्तपोषण और वैश्विक स्वास्थ्य प्रशासन में नागरिक समाज की मजबूत भागीदारी को बढ़ावा देने वाली प्राथमिकताओं पर काम किया।

यह आयोग डब्ल्यूएचओ के सभी क्षेत्रों से 540 से अधिक नागरिक समाज संगठनों को एकजुट करता है। यह विभिन्न विचारों को सामने लाने, आम सहमति बनाने और नागरिक समाज, डब्ल्यूएचओ तथा सदस्य देशों के बीच संवाद मजबूत करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है।आयोग ने अपने नेटवर्क में वर्ष भर चले परामर्श के आधार पर चार साझा प्राथमिकताओं को तय किया। इसके लिए लगभग 270 संगठनों के करीब 300 नागरिक समाज प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया और इन प्राथमिकताओं को सीधे डब्ल्यूएचओ नेतृत्व, सदस्य देशों व सांसदों के सामने प्रस्तुत किया गया।

डब्ल्यूएचओ में भागीदारी और वित्तपोषण निदेशक डॉ. गॉडेंज सिल्बर्सचमिड ने कहा कि यह आयोग नागरिक समाज को डब्ल्यूएचओ और सदस्य देशों के साथ समन्वित रूप से जुड़ने के लिए एक मंच देता है, और डब्ल्यूएचए79 ने इसे साबित किया है।घटती विकास सहायता और वित्तीय संकट के बीच आयोग की मुख्य प्राथमिकता सतत स्वास्थ्य वित्तपोषण रही। दक्षिण अफ्रीका, सेव द चिल्ड्रन, वर्ल्ड विजन और मेडिकस मुंडी आयोजित कार्यक्रम में 120 से अधिक प्रतिनिधियों ने घरेलू स्वास्थ्य वित्तपोषण को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की प्रोफेसर और डब्ल्यूएचओ काउंसिल की अध्यक्ष प्रोफेसर मारियाना माजुकाटो ने वीडियो संदेश के जरिये आर्थिक प्राथमिकताओं पर नये सिरे से सोचने का आह्वान किया।यूएसएआईडी और पेपफार फंडिंग में कटौती के बाद दक्षिण अफ्रीका ने तेजी से कदम उठाये। दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग की डॉ. एक्विना थुलारे ने बताया कि उन्होंने वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत शुरू की और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, बीमारी की रोकथाम व स्वास्थ्य संवर्धन में निवेश पर जोर दिया।

कनाडा की राजदूत पेट्रीसिया मैकुलग ने कहा कि टिकाऊ स्वास्थ्य वित्तपोषण के लिए मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व, कुशल वैश्विक वित्त संरचना और नागरिक समाज के साथ वास्तविक साझेदारी जरूरी है।इसके परिणामस्वरूप डब्ल्यूएचओ नेतृत्व और सदस्य देशों के सामने चार प्रमुख बातें रखी गयीं- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में निवेश, मजबूत घरेलू वित्तपोषण, संस्थागत नागरिक भागीदारी और 2027 की यूएन उच्च स्तरीय बैठक से पहले डेटा में पारदर्शिता। इन्हें ग्लोबल पार्लियामेंट्री फोरम में भी साझा किया गया।

79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा ने डब्ल्यूएचओ की ‘सिविल सोसायटी एंगेजमेंट स्ट्रैटेजी’ को भी आगे बढ़ाया, जहां प्रतिभागियों ने पारदर्शिता और भागीदारी की रूपरेखा तय करने में मदद की।डब्ल्यूएचओ-सीएसओ कार्यशील समूह के अध्यक्ष जॉन कफलान ने बताया कि यह पारंपरिक परामर्श नहीं था, बल्कि प्रतिनिधियों ने खुद मसौदा तैयार करने में योगदान दिया, जो सितंबर 2026 तक सामने आयेगा।

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (एपीए) की बैठक में सीएससी और डब्ल्यूएचओ यूथ काउंसिल के 80 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जो इसकी बढ़ती वैश्विक पहुंच को दिखाता है।इस स्वास्थ्य सभा ने आयोग को केवल संवाद के मंच से आगे बढ़ाकर एक ऐसे तंत्र के रूप में स्थापित किया, जो नीतिगत प्राथमिकताओं को आकार दे सके।

सीएससी के सह-अध्यक्ष रवि राम ने कहा कि आयोग अब ठोस और मापने योग्य प्रभाव देने वाले चरण में पहुंच चुका है। इसी गति के साथ आयोग डब्ल्यूएचओ, नागरिक समाज और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को तय करने में प्रमुख भूमिका निभाता रहेगा।

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