
नयी दिल्ली, 17 जुलाई । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की है।पार्टी ने केंद्र सरकार पर आंदोलनकारी छात्रों और नेताओं से संवाद न करने का आरोप लगाते हुए इसे असंवेदनशील और सत्तावादी रवैया करार दिया है। जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार की लीक-प्रूफ परीक्षाएं कराने में विफलता की जड़ें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में हैं। पार्टी का आरोप है कि एनईपी 2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था के केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिला है, जिससे कोचिंग उद्योग तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही शिक्षा के सांप्रदायीकरण ने प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं को बढ़ावा दिया है।
सीपीआई(एम) ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग दोहरायी है।पार्टी ने अपने सभी राज्य और जिला इकाइयों के साथ-साथ देश के नागरिकों से सोनम वांगचुक और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में एकजुट होने की अपील की है। सीपीआई(एम) ने घोषणा की है कि इन मांगों के समर्थन और सोनम वांगचुक के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए 20 जुलाई को देशभर में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किये जायेंगे।