
नयी दिल्ली, 17 जुलाई। भारत में जापान के सहयोग से चल रही महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व मंत्री मकिहारा हिदेकी के सोशल मीडिया पोस्ट ने भारतीय राजनीति में उबाल ला दिया है, जिसमें उन्होंने भारत-जापान बुलेट ट्रेन परियोजना में हो रही देरी के लिए पूरी तरह से भारतीय पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है।कांग्रेस की प्रवक्ता और सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने इस बयान को साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल पर तीखा हमला किया है। उन्होंने इसे वैश्विक मंच पर देश के लिए ‘शर्मनाक’ स्थिति करार देते हुए मोदी सरकार के कामकाज और मंत्रियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं।
जापान के पूर्व मंत्री मकिहारा हिदेकी ने अपने पोस्ट में भारत-जापान बुलेट ट्रेन परियोजना में हो रही देरी के लिए पूरी तरह से भारतीय पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय बैठकों और वार्ताओं के दौरान भारतीय पक्ष की ओर से घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बार-बार देखने को मिला।उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारी वादे पूरे नहीं करते और अपने स्वार्थ को आगे बढ़ाते हैं। जापानी नेता ने तत्कालीन प्रभारी मंत्री की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें बेहद खराब बताया था और यहां तक कहा कि जब शीर्ष स्तर पर ऐसा रवैया हो, तो कोई भी सही लेन-देन मुमकिन नहीं है। उन्होंने तकाइची की यात्रा के बेनतीजा रहने और सुरक्षा की दृष्टि से अहम सिग्नल प्रणाली से जापान को बाहर किये जाने की बात भी उठायी थी।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुश्री श्रीनेत ने लिखा, “वाह मोदी जी, वाह!” उन्होंने कहा कि जापान के पूर्व मंत्री ने न केवल भारत-जापान बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है, बल्कि मोदी सरकार और उनके मंत्रियों की कमियों को भी पूरी तरह से उजागर कर दिया है। जापानी नेता के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने ‘भारतीय पक्ष की घोर लापरवाही’, ‘वादे पूरे न करना’ और ‘प्रभारी मंत्री की अक्षमता’ जैसे बिंदुओं का प्रमुखता से जिक्र किया।सुश्री श्रीनेत ने अपने ट्वीट में स्पष्ट तौर पर निशाना साधते हुए लिखा कि उस समय इस परियोजना के प्रभारी मंत्री कोई और नहीं, बल्कि रेल मंत्री पीयूष गोयल थे। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि देश के इतने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना को इतने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से संभाला गया। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस बुलेट ट्रेन को नये भारत की पहचान के रूप में प्रचारित किया जा रहा था, आज वही परियोजना अंतरराष्ट्रीय मंच पर सवालों के घेरे में है और देश की आलोचना का कारण बन रही है।