सपा – कांग्रेस विरासत और विकास के विरोधी : योगी

सपा – कांग्रेस विरासत और विकास के विरोधी : योगी

बाराबंकी, 20 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी जिले के रामनगर स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने बहुप्रतीक्षित लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर की आधारशिला रखी तथा रामनगर और दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 542.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग प्रदेश के विकास का विरोध करते हैं, वही भारत की सांस्कृतिक विरासत के भी विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता देकर आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि सपा शासन में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि “देख सपाई, बिटिया घबराई” केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल की वास्तविकता थी। आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और महिलाएं स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “कांग्रेस लूट करती है और समाजवादी पार्टी डकैती डालती है। इन दोनों दलों से जितनी दूरी रखेंगे, प्रदेश और देश उतना ही आगे बढ़ेगा।” उन्होंने कहा कि देश 1947 में स्वतंत्र हो गया था, लेकिन दशकों तक लोधेश्वर महादेव धाम के विकास की किसी सरकार ने चिंता नहीं की। पूर्ववर्ती सरकारें कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में व्यस्त रहीं, जबकि इस प्राचीन धार्मिक स्थल के विकास की उपेक्षा करती रहीं।

मुख्यमंत्री ने बाराबंकी के महान हॉकी खिलाड़ी के.डी. सिंह ‘बाबू’ को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश को ओलंपिक में गौरव दिलाया, लेकिन उनकी विरासत को संरक्षित करने के लिए पिछली सरकारों ने कोई प्रयास नहीं किया। यहां तक कि उनकी हवेली बिकने की नौबत आ गई।उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश तमंचों और कट्टों के निर्माण के लिए जाना जाता था, जबकि आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। यह बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश-अनुकूल वातावरण का परिणाम है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने परियोजना का शिलान्यास तो किया, लेकिन उसकी अनुमानित लागत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक रखी गई थी। उनकी सरकार ने तकनीकी और वित्तीय समीक्षा कराकर लगभग 11,500 करोड़ रुपये में ही गुणवत्तापूर्ण एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा कराया, जिससे सरकारी धन की बड़ी बचत हुई।मुख्यमंत्री ने बाराबंकी की भौगोलिक एवं धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के एक ओर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और दूसरी ओर धर्मनगरी अयोध्या स्थित है, इसलिए यहां के लोगों के “दोनों हाथों में लड्डू” हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।

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