
नयी दिल्ली, 20 जुलाई । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। श्री खरगे ने सोमवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है। यदि सरकार परीक्षाएं कराने में सक्षम नहीं है तो उसे सत्ता छोड़ देनी चाहिए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह धुर युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। श्री गांधी ने यहां एक वीडियो संदेश में सोमवार को कहा कि श्री मोदी इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं ले सकते। उनका कहना था कि देश के युवाओं का वाजिब प्रश्न है और इसका जवाब दिया जाना चाहिए।पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्र जंतर-मंतर पर बैठे हैं लेकिन उन पर लाठीचार्ज कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा नीति पर चर्चा की मांग कर रही है, क्योंकि उसमें गंभीर खामियां हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। इसके बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनके साथ मारपीट की जा रही है।
शिव सेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पेपर लीक मामले को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे विद्यार्थियों को दिल्ली पुलिस के रोके जाने पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार का यह रवैया अलोकतांत्रिक है। केंद्र पर लोकतांत्रिक असहमति को दबाने का आरोप लगाते हुये श्री राउत ने दावा किया कि सरकार डर के मारे काम कर रही है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रमुख संवैधानिक संस्थायें सत्ताधारी शासन की ‘गुलाम’ बन चुकी हैं।तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण रैली में शामिल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के युवाओं पर पुलिस की कथित सख्ती की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से सामने आये दृश्य बेहद चिंताजनक हैं और सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, जो लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि वह दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर की गई कथित पुलिस बर्बरता की कड़ी निंदा करती हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कैसी सरकार अपने ही छात्रों से डरती है और कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था सवालों का जवाब संवाद के बजाय लाठी और आंसू गैस से देती है।सुश्री बनर्जी ने कहा कि देश छात्रों, किसानों, महिलाओं, मजदूरों और प्रत्येक नागरिक का है। उन्होंने कहा कि असहमति अपराध नहीं है और बल प्रयोग सुशासन नहीं हो सकता। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं के साहस, धैर्य और संघर्ष भावना की सराहना करते हुए कहा कि जवाबदेही से समझौता नहीं किया जा सकता।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उनका भविष्य सुरक्षित होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में वर्षों से परीक्षा व्यवस्था प्रभावित रही है और अब भी लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना बेहद शर्मनाक है और यह विकसित भारत की अवधारणा पर सवाल खड़ा करता है।श्री यादव ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की है और उनकी स्थिति देखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।