धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लें और छात्रों से माफी मांगें मोदी : राहुल गांधी

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लें और छात्रों से माफी मांगें मोदी : राहुल गांधी

नयी दिल्ली, 22 जुलाई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लेने, छात्रों से माफी मांगने तथा उन पर हुई पुलिस बर्बरता के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि कांग्रेस छात्रों की इन मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है।

श्री गांधी ने बुधवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये मांगें कांग्रेस की नहीं बल्कि आंदोलन कर रहे छात्रों की हैं और पार्टी इनका शत-प्रतिशत समर्थन करती है। आंदोलनरत छात्रों की इन तीनों मांगों को न्यायोचित बताते हुए उन्होंने कहा, “मोदी जी, अहंकार छोड़िए। छात्रों की गूंज सुनिए। नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए, छात्रों पर बर्बरता करने वालों की जवाबदेही तय कीजिए और छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफी मांगिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के आंदोलन से घबरा गई है और इसी कारण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा चाहता है। गुरुवार को सदन में विपक्ष का क्या रुख होगा, उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम निर्णय संसद भवन परिसर में गुरुवार सुबह होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में लिया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश में 152 पेपर लीक हुए, जिससे 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र प्रतिदिन आठ-दस घंटे मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है। सबसे अधिक नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को उठाना पड़ता है, जिनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।

श्री गांधी ने दावा किया कि नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी अत्यधिक महंगी हो चुकी है। नीट की तैयारी पर एक परिवार को औसतन लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि बदले में छात्रों को पेपर लीक और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था इतनी महंगी हो गई है कि वह आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है और सरकार शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने में लगी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। विनिर्माण, उद्यमिता, कॉरपोरेट क्षेत्र और सार्वजनिक उपक्रम कमजोर किए जा रहे हैं, जिससे सरकारी नौकरियां ही युवाओं की सबसे बड़ी उम्मीद बची हैं, लेकिन वहां भी पेपर लीक और भ्रष्टाचार ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार और सुरक्षित भविष्य की कोई गारंटी नहीं है।कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने बुधवार से देश भर के शिक्षण संस्थानों में छात्रों से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए राष्ट्रव्यापी छात्र संपर्क अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज को सड़क से लेकर संसद तक बुलंद करेगी और उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेगी। एक प्रश्न के उत्तर में श्री गांधी ने कहा कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना या धक्का-मुक्की उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है और वह छात्रों तथा जनता की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि ड्यूटी पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने भी निजी तौर पर छात्रों के साथ हुई घटना पर असहमति जताई।उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को युवाओं का सबसे बड़ा संकट बताया और कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार और सुरक्षित भविष्य की कोई गारंटी नहीं है। सरकारी नौकरी ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने उनके भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।

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