
मिर्जापुर, 23 जुलाई । उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे विंध्यधाम का हवाई संपर्क मजबूत होगा और श्रद्धालु प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार हेलीपोर्ट का निर्माण मां विंध्यवासिनी मंदिर के निकट पटेंगरा नाला क्षेत्र में किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सीएंडडीएस (सी एंड डी एस) संस्था को सौंपी गई है।
काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर विंध्याचल धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद त्रिकोण पथ पर स्थित मां काली और मां अष्टभुजा देवी मंदिरों के विकास कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए सरकार ने हेलीपोर्ट निर्माण का निर्णय लिया है।मंदिर के प्रशासक एवं नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया कि कॉरिडोर बनने के बाद वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु विंध्याचल पहुंच रहे हैं और दर्शनार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने हेलीपोर्ट निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
उन्होंने बताया कि हेलीपोर्ट के निर्माण के बाद श्रद्धालु विंध्यधाम से वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि हेलीपोर्ट बनने से विंध्यधाम का हवाई संपर्क और सुदृढ़ होगा। इसका लाभ न केवल विशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी) बल्कि आम श्रद्धालुओं को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है तथा निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।