
सहारनपुर, 5 सितंबर । उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने शनिवार सुबह बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। प्रशासन के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध घोषित किया था और इसके खिलाफ दायर अपील भी खारिज हो चुकी थी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी तथा आरआरएफ के जवान तैनात रहे।
प्रशासन ने कार्रवाई से पहले कलेक्ट्रेट परिसर के सभी गेटों को सील कर बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस की फुट पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च कराया गया।
सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। बताया गया है कि वह सहारनपुर जाने के लिए निकल रही थीं। इसी दौरान पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
सांसद इकरा हसन ने कहा कि वह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मामले में अधिकारियों से मिलकर क्षेत्र की जनता की बात रखना चाहती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उन्हें उनके आवास पर नजरबंद किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या निर्वाचित जनप्रतिनिधि का जनता से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना अपराध है।
मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद हुई थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को अवैध करार देते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी। दो सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
इस बीच, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि दूसरों की आस्था से खिलवाड़ करना सनातन धर्म की भावना के विपरीत है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने के बावजूद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने इसे संविधान में दिए गए अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि इस संबंध में कानूनी लड़ाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला ले जाया जाएगा।