
लखनऊ 15 अगस्त । समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को आरोप लगाया कि इकरंगी राष्ट्रवाद को मानने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तिरंगे का कभी सम्मान नहीं किया।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये श्री यादव ने कहा कि जब स्वतंत्रता दिवस और आजादी के आंदोलन की बात होती है तो भाजपा के लोग मुंह फेर लेते हैं। जिन्होंने तिरंगा का कभी सम्मान नहीं किया है, वह आज तिरंगा लेकर यात्रा निकाल रहे हैं। भाजपा और आजादी एक दूसरे के विलोम हैं। इनका राष्ट्रवाद इकरंगी है, वही हमारा राष्ट्रवाद बहुरंगी है। हम लोग सभी को साथ लेकर चलते हैं। भाजपा का तिरंगे से कोई लेना-देना नहीं है। इनके कई स्थान है, जहां पर आजादी के पहले और आजादी के बाद भी तिरंगा नहीं लगा। इधर इन्होंने कुछ बदलाव किया है। उसी तरह से जिस तरह से हॉफ पैंट को फुल कर लिया है। जो भाजपाई और संगी -साथी, घर-घर तिरंगा निकाल रहे हैं उन्हें मन-मन तिरंगा कार्यक्रम चलाना चाहिए और इन्हें साबित करना चाहिए कि जिस तरह से देश की आम जनता राष्ट्रवादी है वैसे यह भी हों।
उन्होने कहा कि जब देश स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा था तब भाजपा और उनके संगी-साथी अनरजिस्टर्ड, अंडरग्राउंड लोग विभाजन विभीषिका दिवस मना रहे थे। ये लोग इसलिए मना रहे थे, क्योंकि उनके लिए विभाजन ही उत्सव है। उन लोगों ने आजादी की लड़ाई में योगदान दिया हो या ना दिया हो, लेकिन विभाजन में उनका योगदान रहा है। भाजपाई और संगी-साथियों का लक्ष्य विभाजन था, यही उनकी उपलब्धि है। इसीलिए आज भी वह विभाजन का त्यौहार मना रहे हैं। विभाजन उनका आजादी से पहले ही लक्ष्य था। विभाजन का उनका कार्यक्रम आजादी के बाद भी है। अगर हम लोग देखे तो उनका विभाजन का कार्यक्रम आज भी चल रहा है इसलिए हम सभी लोगों को उनसे सावधान रहना है।श्री यादव ने कहा कि हमारा संविधान जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा। हम लोग लोकतंत्र को जितना मजबूत करना चाहते हैं। तो सभी को मिलकर संविधान को मजबूत करना होगा। हम लोग एक तरफ जहां बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को याद कर रहे हैं, वहीं डॉ राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, जयप्रकाश नारायण, नेताजी मुलायम सिंह यादव को भी याद कर रहे है, जिन्होंने हम सभी को समाजवादी आंदोलन दिया है। उन्होने कहा कि एक तरफ जहां पर कैपिटा इनकम की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ परिवारों को पेट भरने के लिए राशन देना पड़ रहा है। दुनिया में कोई देश ऐसा नहीं है जहां इतनी बड़ी संख्या में गरीबों को राशन देना पड़ रहा हो। पूरे देश में और खासकर उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में गरीबों को राशन देना पड़ रहा है।
श्री यादव ने कहा कि मिलावटखोरी तो ऐसी हो रही है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। एक तरफ सरकार मिलावट रोकने पर काम करना चाहती है तो वहीं दूसरी तरफ वह खुद पेट्रोल में मिलावट कर रही है। डीजल पेट्रोल की कीमत लगातार बढ़ रही हैं। विदेश नीति की विफलता के कारण अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है, महंगाई बढ़ रही है। देश की जनता महंगाई का सामना कर रही है। शिक्षा व्यवस्था भी बर्बाद हो रही है, दुनिया में कहीं भी इतनी बड़ी संख्या में प्राइमरी स्कूल नहीं बंद हुए होंगे जितना उत्तर प्रदेश में हुए हैं। दुनिया के विकसित देश शिक्षा, स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। भाजपा सरकार ने पिछले 10 सालों में उत्तर प्रदेश में 26000 स्कूल बंद कर दिए हैं, वहीं देश में करीब एक लाख प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं।उन्होने कहा कि जिला अस्पतालों का बुरा हाल है। मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर, लैब टेक्नीशियन नहीं है। जिसकी वजह से जिस तरह की शिक्षा मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रही है। अनुभवी डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। इस सरकार में दवाई-इलाज की व्यवस्था बर्बाद हो गई है। समय पर एंबुलेंस नहीं मिल रही है।
श्री यादव ने कहा कि तहसील से लेकर थाने तक हर जगह भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है। भाजपा सरकार ने पुलिस को खराब कर दिया है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। सरकार अपना चेहरा चमकाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है लेकिन जो मूलभूत जरूरत है, शिक्षा-स्वास्थ्य उसके बजट में लगातर कमी हो रही है।उन्होने कहा कि भाजपा और उनके संगी साथियों का स्वतंत्रता दिवस में कोई योगदान नहीं था। कहा जाता है कि आजादी के आंदोलन के दौरान उनके बहुत सारे लोग मुखबिर थे। वह पहले भी अंडरग्राउंड काम करते थे और आज भी अंडरग्राउंड रहकर काम कर रहे हैं।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार कहती थी कि मां-गंगा की सफाई करेंगे, लेकिन आज नदियों का बुरा हाल है। पानी हवा सब प्रदूषित है। मां गंगा की कोई सफाई नहीं हुई। गंगा नदी में जल के पैरामीटर जैसे पहले थे, वैसे आज भी हैं। प्रदूषण अब और ज्यादा हो गया। समाजवादी सरकार ने लखनऊ में गोमती नदी को साफ किया था और नदियों की सफाई के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया था।