
नयी दिल्ली, 15 अगस्त। देश के प्रमुख उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वाधीनता दिवस संबोधन का स्वागत करते हुए कहा है कि इसमें 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लिए एक साहसी रोडमैप ( खाका ) पेश किया गया है। श्री गोयनका ने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन के केंद्र में ‘सप्तधारा’ थी – यानी राष्ट्रीय ताकत की सात धाराएँ- मैन्युफैक्चरिंग पावर (विनिर्माण क्षमता), कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और नवाचार,गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित और नील अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर ( सांस्कृत शक्ति) हैं।उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग जगत के लिए प्रधानमंत्री ने डिज़ाइन से लेकर तैयार उत्पादों तक, पूरी और मज़बूत विनिर्माण श्रृंखला बनाने, लागत, गुणवत्ता और पैमाने (स्केल) के मामले में वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने, सटीकता और ज़ीरो-डिफ़ेक्ट मैन्युफैक्चरिंग को भारत की पहचान बनाने, सिर्फ़ टेक्नोलॉजी के लिए बाज़ार नहीं, बल्कि नवाचार का केन्द्र बनने का लक्ष्य रखा है।
फिक्की अध्यक्ष ने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया’ के लिए फिक्की की चार प्राथमिकताओं से पूरी तरह मेल खाता है जिनमें- मैन्युफैक्चरिंग में उत्कृष्टता , अनुसंधान और नवाचार, व्यवसाय में आसानी, व्यापार और सप्लाई चेन की सुरक्षा शामिल है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन में प्रस्तुत एजेंडा को लेकर कहा , ” यह फिक्की के शताब्दी वर्ष में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारतीय उद्योग जगत को अब इस सपने को को विश्व-स्तरीय उत्पादों और टेक्नोलॉजी में बदलना होगा, जो ‘मेड इन इंडिया’ हों और जिन पर दुनिया भर में भरोसा किया जाये।”