ट्रंप-किम के रिश्तों से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद: दक्षिण कोरिया

ट्रंप-किम के रिश्तों से उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद: दक्षिण कोरिया

सियोल, 17 अगस्त। दक्षिण कोरिया ने सोमवार को उम्मीद जतायी कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन के बीच “मैत्रीपूर्ण संबंध” अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सार्थक बातचीत का रास्ता खोलने तथा कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।

सियोल स्थित राष्ट्रपति कार्यालय ने श्री ट्रंप के उस बयान के बाद यह प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में “काफी कमी” करने का निर्देश देने की बात कही थी। श्री ट्रंप ने इन अभ्यासों को महंगा बताते हुए कहा था कि इनसे उत्तर कोरिया को “पूरी तरह अनुचित और शत्रुतापूर्ण” संदेश जाता है।राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, “सरकार राष्ट्रपति श्री ट्रंप के सोशल मीडिया संदेश से अवगत है। हमें उम्मीद है कि उत्तर कोरियाई और अमेरिकी नेताओं के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध सार्थक उत्तर कोरिया-अमेरिका वार्ता का मार्ग प्रशस्त करेंगे और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति तथा स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत शुरू होगी।” कार्यालय ने कहा कि सियोल बातचीत को आगे बढ़ाने में “शांतिदूत” की भूमिका निभाएगा।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग ने भी शनिवार को उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए बातचीत का आह्वान किया था। जापानी औपनिवेशिक शासन से कोरिया की मुक्ति की वर्षगांठ पर अपने संबोधन में उन्होंने दोनों कोरियाई देशों से बातचीत की मेज पर बैठने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में काम करने की अपील की।श्री ली ने संघर्ष रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोरियाई प्रायद्वीप में मौजूदा युद्धविराम व्यवस्था की जगह “शांति व्यवस्था” स्थापित करने की बात कही। उन्होंने 1950-53 के कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए उत्तर कोरिया और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बातचीत का भी आह्वान किया।

श्री ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर संयुक्त सैन्य अभ्यासों में कमी की बात कही थी। उनका यह बयान अमेरिका और दक्षिण कोरिया के वार्षिक ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ (यूएफएस) अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले आया।उन्होंने कहा कि किम जोंग-उन के साथ अपने “बहुत अच्छे संबंधों” को देखते हुए वह दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में अमेरिका की भागीदारी से खुश नहीं हैं। उन्होंने अभ्यासों को महंगा बताते हुए कहा कि इससे उत्तर कोरिया को अनुचित और शत्रुतापूर्ण संदेश जाता है।

श्री ट्रंप ने कहा कि अभ्यासों को पूरी तरह रद्द करने में अब देर हो चुकी है, लेकिन उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इनमें “काफी कमी” करने का निर्देश दिया है।यूएफएस अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक चलने हैं और इनमें करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक शामिल होंगे। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अभ्यास निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे।

उत्तर कोरिया लंबे समय से इन वार्षिक सैन्य अभ्यासों को संभावित आक्रमण की तैयारी करार देता रहा है और इसके जवाब में कार्रवाई की चेतावनी देता रहा है। प्योंगयांग ने बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण भी किए हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।श्री ट्रंप ने दक्षिण कोरिया द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रयासों में शामिल होने से इनकार करने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल में राष्ट्रपति ली से पूछा था कि क्या दक्षिण कोरिया ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयास में अमेरिका के साथ शामिल होना चाहेगा, लेकिन सियोल ने इससे इनकार कर दिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय ने कई बार कहा है कि श्री ट्रंप बिना किसी पूर्व शर्त के उत्तर कोरिया से बातचीत के लिए तैयार हैं। श्री ट्रंप और श्री किम के बीच उनके पहले कार्यकाल में तीन आमने-सामने मुलाकातें हुई थीं। दोनों नेता जून 2018 में सिंगापुर, फरवरी 2019 में हनोई और जून 2019 में अंतर-कोरियाई सीमा पर पनमुनजोम में मिले थे। हनोई शिखर सम्मेलन के बाद उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर बातचीत टूट गयी थी।

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