
कानपुर, 27 अक्टूबर । कर्ज न चुका पाने के कारण मानसिक तनाव से जूझ रहे 23 वर्षीय युवक की जान उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता से बच गई। युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किया था। मेटा कंपनी से मिले अलर्ट पर पुलिस मुख्यालय लखनऊ के सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद नौबस्ता थाने की पुलिस महज पांच मिनट में युवक के घर पहुंच गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।पुलिस के अनुसार, 26 और 27 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12:14 बजे मेटा कंपनी की ओर से पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए अलर्ट मिला। युवक ने वीडियो में चूहेमार दवा खाते हुए और ब्लेड से हाथ की नस काटने के बाद खून बहने की स्थिति दिखाई थी।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर की टीम ने मेटा से प्राप्त इंस्टाग्राम अकाउंट और वीडियो का अवलोकन कर युवक के मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसका पता लगाकर कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस को सूचित किया गया।सूचना मिलते ही नौबस्ता थाने में तैनात उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, आरक्षी दीपक शर्मा और मुख्य आरक्षी चालक ब्रजेश कुमार पांच मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गए। पुलिस टीम ने परिजनों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो के बारे में बताया और युवक के कमरे में पहुंची। वहां वह पलंग पर बेसुध पड़ा था। उसके पास चूहेमार दवा का खाली रैपर था और हाथ की कटी नस से खून बह रहा था। फर्श पर भी खून बिखरा हुआ था।
पुलिसकर्मी बिना देर किए युवक को नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर उसे भर्ती कर लिया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर युवक ने पुलिस को बताया कि वह जागरण और रामलीला में कलाकार के रूप में काम करता है। कुछ दिन पहले वह अपनी टीम के साथ कार्यक्रम के सिलसिले में बाहर गया था, जिसके लिए उसने कर्ज लिया था। पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने के कारण उसने साथी कलाकारों को भी कर्ज लेकर पैसे दिए, जिससे उस पर कर्ज का बोझ बढ़ गया। कर्ज देने वाले लोग बार-बार रुपये मांगते थे और भुगतान न कर पाने पर उसे भला-बुरा कहते थे। इससे वह मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा था। इसी तनाव में उसने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।पुलिस ने युवक की काउंसलिंग भी की। उसने भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और सहयोग के लिए आभार जताया।
पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से लागू व्यवस्था के तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट किए जाने पर कंपनी ई-मेल और फोन के माध्यम से पुलिस को अलर्ट भेजती है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, एक जनवरी 2023 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई कर 4,106 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।उत्तर प्रदेश पुलिस को मेटा के साथ आत्महत्या संबंधी अलर्ट की इस पहल के लिए एसकेओसीएच अवॉर्ड-2025 और द इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक अवॉर्ड्स-2026 से सम्मानित किया जा चुका है।