
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह अपनी सरकार के कामकाज की समीक्षा कर आत्मचिंतन करने के बजाय विपक्ष को नसीहत दे रहे हैं। श्री रमेश ने कांग्रेस की आलोचना करने संबंधी प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए वाराणसी और नागपुर में भाजपा को मिले चुनावी झटकों का हवाला दिया।श्री रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि श्री मोदी को विपक्ष पर राजनीतिक हमले करने के बजाय महंगाई में भारी बढ़ोतरी, बेरोजगारी और निजी निवेश में सुस्ती का सामना कर रहे आम भारतीयों की चिंताओं पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने श्री मोदी की कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर की गयी टिप्पणियों पर तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री को आत्ममंथन करने की जरूरत है लेकिन वह इसके बजाय दूसरों को नसीहत दे रहे हैं।”प्रधानमंत्री की आलोचना का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता ने वाराणसी में भाजपा के प्रदर्शन पर सवाल उठाया। वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय निर्वाचन क्षेत्र है। उन्होंने नागपुर में भी भाजपा के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का गढ़ बताया।
श्री रमेश ने कहा, “कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले अच्छा होता कि वह इस बात पर भी विचार करते कि उनके अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा क्यों हारी और नागपुर में कांग्रेस ने आरएसएस के गढ़ में भाजपा को कैसे हराया।”उन्होंने श्री मोदी से ऑनलाइन ट्रोलिंग और राजनीतिक हमले बंद करने की अपील भी की। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार को इसके बजाय करोड़ों परिवारों के सामने आ रही आर्थिक परेशानियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। श्री रमेश ने कहा, “श्री मोदी ट्रोलिंग बंद कीजिए। करोड़ों परिवार कमर तोड़ महंगाई से परेशान हैं, युवा बेरोजगार हैं और निजी निवेश पूरी तरह ठप हो गया है।” उन्होंने प्रधानमंत्री से अपना “अहंकार” छोड़कर इन चिंताओं पर ध्यान देने का आग्रह किया।
उन्होंने दावा किया कि कई शहरों के मतदाताओं ने सरकार की नीतियों पर अविश्वास जताया है। वाराणसी, नागपुर, लखनऊ, प्रयागराज और पटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार के कामकाज के तरीके के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है।उन्होंने कहा, “वाराणसी और नागपुर से लेकर लखनऊ, प्रयागराज और पटना तक जनता ने आपकी नीतियों के खिलाफ स्पष्ट रूप से अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है।”
कांग्रेस ने श्री मोदी सरकार को राजनीतिक चुनौती देने के लिए महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश में सुस्ती के मुद्दों को लगातार प्रमुखता दी है। वहीं, भाजपा ने अपने आर्थिक प्रदर्शन का बचाव किया है और सरकार के प्रति जनता के विश्वास के प्रमाण के रूप में चुनावों में मिले समर्थन को रेखांकित किया है।श्री रमेश की टिप्पणियों का उद्देश्य कांग्रेस की आलोचना को लेकर प्रधानमंत्री के बयानों का जवाब देते हुए चर्चा का केंद्र चुनावी नतीजों और मतदाताओं की आर्थिक चिंताओं की ओर मोड़ना था। यह बयानबाजी सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच चुनावी प्रदर्शन, आर्थिक प्रबंधन और जनता के व्यापक रुख को लेकर जारी राजनीतिक संघर्ष को दर्शाती है।