
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर । भारतीय कपंनियों ने देश में हरित ऊर्जा के इस्तेमाल को बढावा देने के लिए अक्टूबर तक ग्रीन हाइड्रोजन की खरीद के 5,55,610 टन सालाना के पक्के समझौते किए हैं जिनको पूरा करने में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की आवश्यकता होगी।राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य 2030 तक सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। मिशन के तहत आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश, छह लाख से ज्यादा रोजगार और सालाना पांच करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का लक्ष्य भी रखा गया है।
एसीभएमई समूह, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एएम ग्रीन सहित भारतीय कंपनियों ने जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी के साथ ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल की आपूर्ति के समझौते किए हैं। रिलायंस का दक्षिण कोरिया की सैमसंग सीएंडटी कॉरपोरेशन के साथ तीन अरब डॉलर से अधिक का समझौता है, जिसके तहत 2028 से आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।घरेलू स्तर पर मिशन के साइट कार्यक्रम के तहत 11 उर्वरक इकाइयों को सालाना 6.70 लाख टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के समझौते किए गए हैं। वहीं, चार तेल रिफाइनरी कंपनियों के लिए सालाना 30,000 टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन एवं आपूर्ति की परियोजनाएं आवंटित की गई हैं।