
मुंबई, 29 अक्टूबर। शेयर बाजारों में पिछले कुछ दिनों में उतार-चढाव के बीच सीमित कारोबार के बाद गुरुवार को चौतरफा लिवाली का दौर चल निकला और प्रमुख सूचकांक गिरावट के दौर से उबर कर एक से सवा प्रतिशत लाभ में बंद हुए।बैंक और आईटी शेयरों को आज जोरदार समर्थन देखा गया। विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया में शांति बहाली के प्रयासों से तेल बाजार में नरमी तथा भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिविधियों में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में तेजी बने रहने की वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट से भी बाजार की धारणा मजबूत हुई है।
बीएसई का 30 प्रमुख शेयरों वाला सेंसेक्स शुरूआत में हल्की गिरावट के बाद लगातार तेजी बनाए रखते हुए बुधवार की तुलना में 905.01 अंक यानी 1.24 प्रतिशत बढ़ कर 74,151.04 पर बंद हुआ। कल बाजार 73,246.03 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स सुबह 73,268.47 खुल कर ऊपर में 74,166.16 और नीचे में 73,181.90 अंक पर बंद हुआ।निफ्टी 237.90 अंक (1.05 प्रतिशत) बढ़त के साथ 22,936.75 अंक पर बंद हुआ। सुबह 22,690.65 पर खुलने के बाद यह ऊपर में 22,961.95 और नीचे में 22,656.75 तक गया था।
बीएसई बैंकेक्स 718.48 पर 712.15 अंक यानी (1.17 प्रतिशत) और बीएसई आईटी सूचकांक 38,161.84 पर 357.85 अंक यानी ( 0.95 प्रतिशत) लाभ में बंद हुआ।बीएसई के 20 में से 26 शेयर लाभ में रहे। गिरावट में रहे शेयरों में एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा, मारुति और ट्रेंट शामिल हैं। अडानी पोर्ट का शेयर 5.17 प्रतिशत के तगड़े लाभ के साथ बंद हुआ। कोटक बैंक, पावर ग्रिड, इटरनल ,बजाज फाइनेंस, एसबीआई, हिंदुस्तान लीवर और एनटीपीसी जैसे शेयरों को भी निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट विभाग के अनुसंधान प्रभाग के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने बाजार की दशा और दिशा पर टिप्पणी करते हुए कहा, “ अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की संभावनाओं, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान में बढ़ोतरी के बाद घरेलू आर्थिक विकास की बेहतर होती संभावनाओं तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की रुक-रुककर हो रही खरीदारी के समर्थन से भारतीय शेयर बाजार की स्थिति में सुधार जारी रहने की संभावना है।”उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की नई उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को यथावत रखा, क्योंकि वह मौद्रिक नीति में आगे कोई बदलाव करने से पहले आगामी आर्थिक आँकड़ों का इंतजार कर रहा है।
निवेशकों की नजर अमेरिका के आज जारी किये जाने वाले आर्थिक वृद्धि और श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों पर रहेगी। शुक्रवार को यूरोमुद्रा क्षेत्र के जीडीपीऔर बेरोजगारी संबंधी आंकड़े तथा बैंक ऑफ जापान का मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय जारी किये जाने वाले हैं।इधर, घरेलू मोर्चे पर वित्त मंत्रालय ने 2026-27 की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.35 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले के 7.3 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा अधिक है। इस वृद्धि को औद्योगिक उत्पादन, ऊर्जा खपत, बंदरगाहों पर माल ढुलाई गतिविधियों, जीएसटी संग्रह और ऑटोमोबाइल बिक्री से समर्थन मिला है।
कल बाजार बंद होने के बाद जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश कीऔद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर अगस्त के 8 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 6.7 प्रतिशत रह गई। विनिर्माण क्षेत्र तथा बिजली और गैस आपूर्ति इस वृद्धि में प्रमुख योगदान देने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत अंक की वृद्धि को मंजूरी दी है जो पहली जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी। इस वृद्धि से सरकार पर सालाना 10,016.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आने का अनुमान है। इससे परिवारों की खर्च योग्य आय में मामूली वृद्धि हो सकती है और उपभोग व्यय को प्रोत्साहन मिल सकता है।
मंत्रिमंडल ने घरेलू कंटेनर विनिर्माण को बढ़ावा देने, आयात पर निर्भरता कम करने और लॉजिस्टिक्स आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2039-40 तक के लिए 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।इसके अतिरिक्त, सरकार ने पांच वर्षों के लिए प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल 7,395.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 4,869.48 करोड़ रुपये होगा। इस योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत करना और पंचायतों में स्थानीय विकास की योजना बनाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
अर्थव्यवस्था को ताकत देने वाले इन फैसलों से बाजार धारणा पर अनुकूल प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।