
मुंबई, 28 अक्टूबर । वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से प्रभावित कारोबार के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को खास कर सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में बिकवाली के दबाव में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स करीब 353 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब 51 अंक गिर कर बंद हुआ। बाजार में कल भी नरमी थी।विश्लेषकों के अनुसार बाजार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की नीतिगत ब्याज तय करने वाली समिति की बैठक की प्रतीक्षा है और उससे पहले स्थानीय बाजार में कारोबार सीमित दायरे में रहने की संभावना है। बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, डॉलर-रुपया विनियम दर की दिशा भी प्रभावित करेगी। स्थानीय बाजारों में आज सुबह से ही बिकवाली का सिलसिला चल पड़ा था और शुरुआती गिरावट के बाद बैंकिंग शेयरों में मांग निकलने से बाजार कुछ संभलने लगा था लेकिन प्रमुख सूचकांक कल के स्तर से नीचे बंद हुए।
सेंसेक्स सुबह 73,253.44 अंक पर खुला और ऊपर में 73,525.44 तथा नीचे में 72,603.57 तक जाने के बाद अंत में 73,246.03 अंक पर बंद हुआ जो कल के बंद के समय के 73,598.67 अंक की तुलना में 352.64 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 22678.00 पर खुलने के बाद ऊपर में 22,778.05 और नीचे में 22,497.70 अंक ताक गिरने के बाद अंत में 22,698.85 पर बंद हुआ। यह कल के बाद के स्तर से 50.90 अंक यानी 0.22 नीचे है।
बीएसई बैंकेक्स 61,006.33 अंक पर 292.88 अंक यानी 0.48 प्रतिशत बढ़त में रहा जबकि बीएसई आईटी 37,803.99 पर 572.13 अंक यानी 1.49 प्रतिशत गिरावट में रहा।बीएसए के 30 में से 9 शेयर लाभ और 21 गिरावट के साथ बंद हुए। लाभ में रखे शेयरों में एलएंडटी 3.68 प्रतिशत, ट्रेंट 2.79 प्रतिशत, एसबीआई 1.23 प्रतिशत, एक्सिस 1.14 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 0.87 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस 0.47 प्रतिशत लाभ में रहा। मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा इंडिगो भी लाभ में रहे।
घाटे में रहे प्रमुख शेयरों में रिलायंस 3.46 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.34 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.83 प्रतिशत तथा टीसीएस में 1.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट प्रभाग के अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ” अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणा से पहले भारतीय शेयर बाजार के सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। बाजार को व्यापक रूप से उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगा। हालांकि, भविष्य में ब्याज दरों की दिशा को लेकर फेड का मार्गदर्शन निकट अवधि में बाजार की चाल के लिए महत्वपूर्ण होगा।”
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की चाल भी निवेशकों के लिए प्रमुख निगरानी योग्य कारक बने रहेंगे।बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स ने शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर दोनों एक्सचेंजों पर 1,358 रुपये पर सूचीबद्ध हुए, जो 1,119 के इश्यू मूल्य से 21.36 प्रतिशत अधिक था। यह शेयर एनएसई 1,419 पर बंद हुआ, जो निर्गम मूल्य से 26.8 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
इसके साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे यह रिलायंस के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग हाल के दिनों में बड़े आईपीओ के कमजोर प्रदर्शन के सिलसिले को तोड़ती है और गुणवत्तापूर्ण निवेश अवसरों के प्रति निवेशकों की निरंतर रुचि को दर्शाती है। इससे अगली तिमाही में आईपीओ बाजार की गतिविधियों को भी समर्थन मिल सकता है।निवेशक गुरुवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले के साथ-साथ कोल इंडिया, एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, लॉरस लैब्स, अंबुजा सीमेंट्स, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, वेलस्पन कॉर्प, सुजलॉन एनर्जी, एमटीएआर टेक्नोलॉजीज, पाइन लैब्स और दीपक नाइट्राइट सहित अन्य कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों पर नजर रखेंगे। फेड की टिप्पणी, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की चाल निकट अवधि में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे।