राधाकुंड अहोई अष्टमी मेला: पांच लाख श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद

राधाकुंड अहोई अष्टमी मेला: पांच लाख श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद

मथुरा 31 अक्टूबर । गोवर्धन के पावन राधाकुंड में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध अहोई अष्टमी मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेले की व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप देते हुए जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने संयुक्त रूप से ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों की ब्रीफिंग की। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी कर्मचारी और अधिकारी श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी ड्यूटी पर पूरी तरह मुस्तैद रहें।एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अहोई अष्टमी का मुख्य स्नान मध्यरात्रि 12 बजे राधाकुंड के पवित्र कुंड में संपन्न होगा। मान्यता है कि जिन दंपतियों को संतान नहीं है, वे इस पवित्र मुहूर्त में राधाकुंड में स्नान करते हैं तो राधा रानी उनकी मनोकामना अवश्य पूरी करती हैं। इसके अलावा, जिनकी मनोकामनाएं पूरी हो चुकी हैं, वे भी आकर यहां स्नान करते हैं। इस मेले में देश-विदेश से लगभग चार से पांच लाख श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी स्नान सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे क्षेत्र को मजबूत प्रशासनिक ढांचे में बांटा गया है। पूरे मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 13 जोन और 31 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की कमान एडीएम स्तर के अधिकारियों के हाथों में है, जबकि जोनों में एसडीएम और सेक्टरों में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है।सुरक्षा के मद्देनजर मेले में पर्याप्त संख्या में सिविल पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि महिलाओं और बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कुंड काफी गहरा है और जलस्तर अधिक होने के कारण दुर्घटना की आशंका से निपटने के लिए फ्लड पीएसी, एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती की गई है। साथ ही लाइफ जैकेट, रस्से और टायर ट्यूब का भी पूरा इंतजाम किया गया है। पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा तथा सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जाएगा और इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है।

अतिरिक्त व्यवस्थाओं के तहत, अत्यधिक भीड़ के दबाव को रोकने के लिए ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए गए हैं, जहां से नियंत्रित तरीके से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। सुगम यातायात के लिए नो एंट्री, वन वे और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं के स्नान और वस्त्र बदलने की सुविधा के लिए विशेष ‘चेंजिंग रूम’ बनाए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 7 चिकित्सा कैंप लगाए गए हैं और अस्पतालों की मैपिंग कर एंबुलेंस तैनात की गई हैं। 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई के विशेष प्रबंध और गोवंशों को भीड़ में जाने से रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।अधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य का परिचय दें, आपाधापी से बचें, अपनी बारी का इंतजार करें, और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, ताकि सभी का दर्शन और स्नान सकुशल संपन्न कराया जा सके।

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