
लखनऊ, 31 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद को राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती बताते हुए कहा कि इन प्रवृत्तियों से समाज की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। राष्ट्रीय एकता को खतरा तब पैदा होता है, जब लोग जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटने लगते हैं। जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला हम सभी को मिलकर करना होगा। जिन्ना को आदर्श मानने और समाज को बांटने वाले लोग सरदार वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते।मुख्यमंत्री शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ के जीपीओ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस पर उपस्थित लोगों को एकता और अखंडता की शपथ भी दिलाई।
योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित किया। उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर एकता की शपथ, राष्ट्रीय एकता दौड़ और विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने का प्रयास किया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती रियासतों को भारतीय गणराज्य में शामिल करने की थी। सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ नेतृत्व से 563 से अधिक रियासतों का भारत में विलय कराया। जूनागढ़ और हैदराबाद के विलय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्पष्ट कर दिया था कि देश की एकता और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित कराई है। यह प्रतिमा उनके विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का प्रतीक है। योगी ने कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मामला नेहरू ने अपने पास रखा था। उस समय पाकिस्तान समर्थित कबीलाइयों ने हमला किया और कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नेहरू ने भारतीय कश्मीर में अनुच्छेद-370 लागू किया, जिसका डॉ. भीमराव आंबेडकर ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 समाप्त कर सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपने को साकार किया है। अब देश में दो कानून नहीं चलेंगे। एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान की व्यवस्था लागू हुई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत रखने के साथ ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा।योगी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता के सामने आज भी कई चुनौतियां हैं। संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और समाज को बांटने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी ताकतों का मुकाबला करने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने लोगों से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में योगदान देने की अपील की।