
लखनऊ 10 जुलाई। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने डॉ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) आयुर्विज्ञान संस्थान की एमबीबीएस की डिग्री को मान्यता दे दी है। अब संस्थान से पढ़कर निकले एमबीबीएस छात्र प्रैक्टिस कर पाएंगे। साथ ही पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला भी ले सकेंगे।
गौरतलब है कि डिग्री की मान्यता न मिलने के कारण लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से एमबीबीएस पास करने वाले स्टूडेंट का पंजीकरण नहीं हो पा रहा था और ना ही वे पीजी के लिए अर्ह हो पा रहे थे। इससे उनका करियर दांव पर लग गया था। इसको लेकर बीते दिनों एमबीबीएस छात्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों को इस समस्या का जल्द से जल्द निराकरण कराने का निर्देश दिये थे।
योगी के निर्देश के बाद लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और उच्च अधिकारी हरकत में आएं और नेशनल मेडिकल कमीशन पहुंचे। इस दौरान आयोग ने आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) का अनुपालन न करने पर आपत्ति जताई थी, जिस पर लोहिया संस्थान ने पूरी मजबूती के साथ आयोग समक्ष छात्रों का पक्ष रखा। इससे छात्रों की समस्या का निराकरण हो गया। अब संस्थान से एमबीबीएस की पढ़ाई करके निकले छात्र प्रैक्टिस करने के साथ ही पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला भी ले सकेंगे।
लोहिया संस्थान में साल 2017 में एमबीबीएस का पाठ्यक्रम शुरू हुआ था। यहां पहले बैच में 150 सीट पर दाखिले हुए थे। हाल ही में यह बैच पास हो चुका था। इस बैच ने एमबीबीएस की परीक्षा भले ही पास कर लिया हो लेकिन डिग्री को मान्यता न होने की वजह से वे न तो प्रैक्टिस कर पा रहे थे और ना ही पीजी कोर्स में दाखिला ही ले पा रहे थे।