रखरखाव के अभाव में हांफ रहा है कानपुर का चेस्ट हास्पिटल

रखरखाव के अभाव में हांफ रहा है कानपुर का चेस्ट हास्पिटल

कानपुर 13 अक्टूबर : श्वांस रोगियों के लिये कानपुर का एकमात्र सरकारी अस्पताल मुरारीलाल चेस्ट हास्पिटल अनियमितिता और रखरखाव में लापरवाही के चलते खुद ही हांफ रहा है।
      अस्पताल में व्याप्त गंदगी,लिफ्ट के आये दिन बंद रहने और वार्ड में बंद पड़े शौचालय इस बात की तस्कीद करते हैं कि अस्पताल प्रबंधन श्वांस रोगियों के स्वास्थ्य के प्रति कितना संजीदा है। यहां इलाज कराने वाले मरीजों की शिकायत है कि अस्पताल के डाक्टर न सिर्फ दवायें बाहर से लाने की सलाह देते हैं बल्कि गरीब मरीजों को मुफ्त एक्स रे की सुविधा पाने के लिये भी डाक्टरों की जी हुजूरी करनी पड़ती है। यहां कानपुर के अलावा कन्नौज,फर्रुखाबाद,एटा,जालौन के भी मरीज अच्छे और सस्ते इलाज के लिये आते हैं।
      चेस्ट अस्पताल में व्याप्त अनियमितिताओं को लेकर पेंशनभोगी कर्मचारियों के फोरम ने चेतावनी दी है कि अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को हटाकर किसी योग्य एवं अनुभवी चिकित्सा अधीक्षक को तैनाती की जाये ताकि  रोगियों को सुविधाएं समय से मिल सकें और उनका उचित इलाज संभव हो सके।
   पेंशनर फोरम के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ला की अध्यक्षता में आज यहां संपन्न आपातकालीन बैठक में चिकित्सालय की खराब लिफ्ट, वार्ड में बन्द पड़े शौचालय एवं भीषण गन्दगी के प्रति मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के उदासीन रवैए को लेकर नाराजगी जताई गयी। फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी ने कहा कि जिला पंचायत के अंतर्गत सरवन खेड़ा में सफाई कर्मी  के पद पर कार्यरत सुनीता देवी को एक्स रे की सुविधा उपलब्ध कराने से मना किया गया और उनके साथ अभद्रता की गयी जिसकी लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों से की गयी है।
     अवस्थी ने कहा कि कानपुर नगर  के डां मुरारी लाल चेस्ट चिकित्सालय में लगी लिफ्ट जो दस दिनों से खराब पड़ी है सांस के गम्भीर रोगी बड़ी मुश्किल से जीनों से ऊपर जा पा रहे हैं, चिकित्सालय में रोगी ऊपरी मंजिल में रहते हैं ऊपर वार्ड में शौचालय बन्द पड़े हैं उनकी मरम्मत होने के कारण रोगियों को दूसरों वार्डों में शौचालय हेतु जाना पड़ रहा है चिकित्सालय के बाहर  व पीछे पार्कों में भीषण गन्दगी से भारी मच्छरों से अनेकों बीमारियां उत्पन्न हो रही है जिससे रोगियों के साथ उनके तीमारदार भी बीमार पड रहे हैं।                       उन्होने कहा कि चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रोगियों के प्रति अत्यंत उदासीन है, एंव महिला रोगायों के साथ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का व्यवहार अत्यन्त शर्मनाक है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर मांग की जाय कि ऐसे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल हटाकर किसी योग्य एवं अनुभवी चिकित्सा अधीक्षक को तैनातकर रोगियों को सुविधाएं  समय से उपलब्ध करवाई जाय अन्यथा पेंशन फोरम विवश होकर धरना प्रदर्शन करेगा ।
      बैठक में महामंत्री आनंद अवस्थी, सत्यनारायण, अरुणेश तिवारी, सुभाष भाटिया, रविन्द्र कुमार मधुर, अशोक कुमार, चंन्दहास सिंह चौहान एडवोकेट, आर पी श्रीवास्तव एडवोकेट, समेत अनेको पेंशनर्स ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit