
प्रयागराज, 08 अगस्त । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार शाम कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करते हुए बेरोजगारी, युवाओं के भविष्य, पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने करीब 20 मिनट तक छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उनकी बहन प्रियंका गांधी की पुत्री मिराया भी मौजूद रहीं।श्री गांधी ने मंच पर पहुंचते ही छात्रों से उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि युवाओं को आज सोशल मीडिया की रील देखने और बनाने में उलझाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “आपसे कहा जाता है कि जितनी रील देखनी है और जितनी रील बनाना चाहते हो बनाओ। यह 21वीं सदी का नशा है।”
उन्होंने कहा कि छात्र बीए, एमए, एलएलबी समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में इस उम्मीद के साथ पढ़ाई करते हैं कि उन्हें सरकारी नौकरी मिलेगी, लेकिन देश में स्थायी रोजगार की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि भारत में प्रत्येक एक हजार युवाओं में केवल 12 को ही स्थायी नौकरी मिलती है।श्री गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं का डेटा कुछ लोगों द्वारा बड़ी कंपनियों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। चीन की ताकत की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं की क्षमता के सामने वह कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि परिवारों से शिक्षा पर लाखों करोड़ रुपये खर्च कराए जाते हैं और बदले में युवाओं को बीए-एमए जैसी डिग्रियां मिलती हैं, लेकिन डिग्री रोजगार की गारंटी नहीं देती। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम के दौरान बिहार से आई एक छात्रा ने राहुल गांधी से संवाद करते हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। छात्रा ने आरोप लगाया कि पटना में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। उसने बताया कि 23 जुलाई को एक और प्रदर्शन की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती कर दी गई थी।
छात्रा ने आरोप लगाया कि अगले दिन सिवान में पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने की घटना में एक छात्र की मौत हो गई। उसने कहा कि 25 जुलाई को जब छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे थे, उस दौरान बिहार में कई छात्र भयभीत थे और पुलिस द्वारा छात्रों को लाइब्रेरी से उठाए जाने की बात सामने आई।एक अन्य छात्र ने मंच पर पहुंचकर राहुल गांधी को बताया कि 22 जुलाई को पटना में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर और पैर पर लाठियां मारीं तथा आंसू गैस के गोले छोड़े। छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर पहचान संबंधी बैज नहीं थे और घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं आने दी गई।
छात्र ने कहा कि उसे स्कूटी से अस्पताल ले जाना पड़ा और बाद में करीब 15 घंटे थाने में बैठाए रखा गया। उसने कहा कि छात्र पहले नौकरी के लिए आंदोलन करते हैं, फिर पेपर और उसके बाद परिणाम के लिए आंदोलन करना पड़ता है। उसने सवाल किया कि “हम छात्र हैं या आंदोलनजीवी हैं।” छात्र ने कहा कि वह बिहार से आता है और वहां के छात्र सत्ता बदलने की ताकत रखते हैं।प्रयागराज में राहुल गांधी का कार्यक्रम पहले शाम छह बजे निर्धारित था, जिसे बाद में शाम सात बजे कर दिया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज समेत 23 जिलों के छात्रों को बुलाया गया था। राहुल गांधी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। भीड़ में शामिल कई छात्र ट्रकों और कंटेनरों पर चढ़कर कार्यक्रम को सुनते दिखाई दिए।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सड़क पर भी युवाओं की भीड़ जमा हो गई। कई युवा हाथों में तिरंगा लेकर भी आगे बढ़ते दिखाई दिए।