उत्तर प्रदेश में अब तक 22 प्रतिशत कम बारिश, पश्चिमी इलाकों में पूरब से अधिक वर्षा

उत्तर प्रदेश में अब तक 22 प्रतिशत कम बारिश, पश्चिमी इलाकों में पूरब से अधिक वर्षा

लखनऊ, 12 अगस्त । उत्तर प्रदेश में मानसून के शुरुआती चरण से 12 अगस्त तक बारिश का वितरण बेहद असमान रहा है। एक जून से 12 अगस्त तक प्रदेश में औसत 349.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जबकि इस अवधि की सामान्य वर्षा 449.1 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में मानसूनी बारिश सामान्य से 22 प्रतिशत कम रही।मौसम विभाग से बुधवार को प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक 335.4 मिलीमीटर बारिश हुयी है जो सामान्य से 30 फीसदी कम है जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 369.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 408.9 मिलीमीटर से 10 प्रतिशत कम है।

मानसून के शुरुआती चरण से अब तक के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में बारिश की कमी पूरे क्षेत्र में समान नहीं रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों ने जहां सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले लगातार व्यापक वर्षा से अछूते रहे।आंकड़ों के अनुसार एक जून से 12 अगस्त तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ सबसे अधिक बारिश वाले जिलों में रहा। यहां 729.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 395.9 मिलीमीटर है। इस तरह मेरठ में सामान्य से 84 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। मुजफ्फरनगर में 719.9 मिलीमीटर वर्षा सामान्य से 78 प्रतिशत और संभल में 696.9 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक रही।

बिजनौर में भी 593.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य 564.6 मिलीमीटर से पांच प्रतिशत अधिक है। एटा में 398.3 मिलीमीटर बारिश सामान्य 299.4 मिलीमीटर से 33 प्रतिशत अधिक रही। इटावा में 378.6 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 14 प्रतिशत और फिरोजाबाद में 461.1 मिलीमीटर वर्षा सामान्य से 33 प्रतिशत अधिक रही।इसके विपरीत पूर्वी उत्तर प्रदेश में पीलीभीत में संचयी वर्षा केवल 134 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य वर्षा 522.4 मिलीमीटर है। यहां सामान्य से 74 प्रतिशत कम बारिश हुई। देवरिया में 133.5 मिलीमीटर बारिश सामान्य 484.8 मिलीमीटर से 72 प्रतिशत कम, जौनपुर में 130.5 मिलीमीटर सामान्य 421.8 मिलीमीटर से 69 प्रतिशत कम और भदोही में 147.3 मिलीमीटर बारिश सामान्य 473.8 मिलीमीटर से 69 प्रतिशत कम रही।

कुशीनगर में संचयी बारिश 151.1 मिलीमीटर रही, जो सामान्य 461.6 मिलीमीटर से 67 प्रतिशत कम है। कानपुर देहात में 111.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य वर्षा 342.6 मिलीमीटर है और यहां 68 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। मऊ में 166 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 65 प्रतिशत कम रही।प्रदेश के कुछ जिलों में मानसूनी सीजन के दौरान बारिश सामान्य से अधिक रही। चित्रकूट में एक जून से 12 अगस्त तक 488.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 464.6 मिलीमीटर से पांच प्रतिशत अधिक है। कानपुर नगर में 421.3 मिलीमीटर बारिश सामान्य 379.3 मिलीमीटर से 11 प्रतिशत अधिक रही।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर में संचयी वर्षा 232.5 मिलीमीटर रही, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है, जबकि बुलंदशहर में 359.6 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक और हमीरपुर में 464.8 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक रही।12 अगस्त को प्रदेश में औसत वर्षा 3.3 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य 10 मिलीमीटर है। इस दिन प्रदेश में बारिश सामान्य से 67 प्रतिशत कम रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश में औसत बारिश केवल 1.7 मिलीमीटर रही, जो सामान्य 11 मिलीमीटर से 84 प्रतिशत कम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5.7 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य 8.7 मिलीमीटर से 35 प्रतिशत कम है।

बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश दर्ज हुई। मेरठ में 40.1 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 331 प्रतिशत अधिक रही। सहारनपुर में 25.1 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 311 प्रतिशत अधिक और बिजनौर में 33.6 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 257 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। अमरोहा में 18.5 मिलीमीटर और मथुरा में 10.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो क्रमशः सामान्य से 62 और 69 प्रतिशत अधिक है।वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में 12 अगस्त को बारिश शून्य रही। अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, भदोही, चंदौली, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, जौनपुर, कुशीनगर, लखनऊ, महाराजगंज, मिर्जापुर, संत कबीरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर और वाराणसी समेत कई जिलों में कोई वर्षा दर्ज नहीं हुई।

संचयी आंकड़ों से स्पष्ट है कि मानसून के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की स्थिति पूर्वी उत्तर प्रदेश की तुलना में बेहतर रही है। पश्चिमी अंचल में कुल वर्षा सामान्य से 10 प्रतिशत कम है, जबकि पूर्वी अंचल में कमी 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भीतर भी जिलों के बीच बड़ा अंतर है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल जैसे जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई, जबकि पीलीभीत, गाजियाबाद, शामली और झांसी जैसे जिले सामान्य से काफी पीछे हैं।पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जिलों ने सामान्य के करीब बारिश दर्ज की है। प्रयागराज में संचयी वर्षा 372 मिलीमीटर रही, जो सामान्य 421.7 मिलीमीटर से 12 प्रतिशत कम है। फतेहपुर में 194.5 मिलीमीटर बारिश सामान्य से 53 प्रतिशत कम रही, जबकि चित्रकूट में 488.1 मिलीमीटर वर्षा सामान्य से पांच प्रतिशत अधिक दर्ज की गई।

कुल मिलाकर एक जून से 12 अगस्त तक के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में मानसून ने अभी तक सामान्य वर्षा की भरपाई नहीं की है। प्रदेश का संचयी वर्षा 22 प्रतिशत कम है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह कमी 30 प्रतिशत तक है। दूसरी ओर कुछ पश्चिमी जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश ने क्षेत्रीय औसत को प्रभावित किया है। इस प्रकार मानसून की अब तक की तस्वीर कम बारिश के साथ-साथ उसके अत्यंत असमान वितरण की रही है।

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