
रायबरेली, 24 सितंबर । समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुये कहा कि प्रताड़ना देने वाले लोग बचने वाले नहीं हैं। वर्ष 2024 में हराया है और वर्ष 2027 में इनका सफाया कर देंगे। उन्होंने कहा कि जनता इस बार समझ चुकी है कि सच्चाई क्या है।रायबरेली के जीआईसी मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि जिस रथ से वह रायबरेली पहुंचे हैं, वह भारतीय संस्कृति में कुरुक्षेत्र का प्रतीक है और महाभारत से जुड़ा है। इसी तरह के रथ पर भगवान कृष्ण ने गीता का संदेश दिया था। आज उसी रथ के माध्यम से सीख मिल रही है। उन्होंने कहा कि जो पीड़ित हैं, वे पीडीए हैं, जो दुखी हैं वे पीडीए हैं और जिसका अपमान हो रहा है, वह पीडीए है।
उन्होंने कहा कि इस बार लाइन एकदम खिंच गई है। एक तरफ पीड़ित लोग हैं तो दूसरी तरफ प्रताड़ना देने वाले लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए समाज के साथ इन लोगों की हजारों वर्ष पुरानी लड़ाई है और इन्होंने समाज में खाई पैदा की है। उन्होंने कहा कि इन्हें केवल हराया ही नहीं जाएगा, बल्कि समाज में भेदभाव भी खत्म किया जाएगा।सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं, जो पीडीए समाज का कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो मंदिर को गंगाजल से धुलवाते हैं। उन्होंने कहा कि ये वे लोग हैं, जो कुर्सी पर बैठकर अपमान करने का काम करते हैं। इस बार पीडीए के लोगों ने अपनी ताकत और गिनती का अहसास करा दिया है और वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जब वोट पड़ेगा तो चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, पीडीए के लोग मिलकर हराने का काम करेंगे। पीडीए के लोग न केवल निर्बल और कमजोर के साथ खड़े हैं, बल्कि संविधान, आरक्षण और लोकतंत्र बचाने के लिए भी खड़े हैं। वे देश की संस्कृति और हिंदुस्तान को बचाने के लिए खड़े हैं।श्री यादव ने आरोप लगाया कि ये लोग संविधान और कानून नहीं मानते हैं। इसके एक नहीं, बल्कि कई उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि जनता के वोट का बुलडोजर इस सरकार को खत्म कर देगा।
अखिलेश यादव के रायबरेली पहुंचने के दौरान उनके रथ के साथ भारी भीड़ दिखाई दी। रास्ते में उन्होंने हनुमान मंदिर में दर्शन किए। उनके स्वागत के लिए दो क्रेन लगाई गई थीं, जिन पर सवार समर्थकों ने उन्हें 21 किलोग्राम की माला पहनाकर स्वागत किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक उनके स्वागत और उन्हें देखने के लिए खड़े रहे।